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जुर्माना बना था रिहाई में बाधा, सामाजिक पहल से दो बंदी आजाद कराए 

आर्थिक कमजोरी किसी व्यक्ति की स्वतंत्रता में बाधा नहीं बननी चाहिए

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कानपुर। जिला कारागार से गुरुवार को दो सिद्धदोष बंदियों को रिहा कर दिया गया, जो अपनी सजा पूरी करने के बावजूद जुर्माना न जमा कर पाने के कारण अतिरिक्त सजा भुगत रहे थे। जेल अधीक्षक आर.के. पाण्डेय के अनुसार, उन्नाव निवासी अकबर अली और कानपुर नगर के राजेश उर्फ राजू ‘बिजली वाला’ अपनी निर्धारित सजा पूरी कर चुके थे। लेकिन आर्थिक तंगी के चलते अर्थदंड अदा न कर पाने के कारण उनकी रिहाई संभव नहीं हो पा रही थी।
 
इस बीच सामाजिक सरोकार का उदाहरण पेश करते हुए ‘अपराध मुक्त सामाजिक चिकित्सा समिति’ और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने पहल की। दोनों संस्थाओं के संयुक्त प्रयास से जुर्माने की पूरी राशि जमा कराई गई, जिसके बाद 23 अप्रैल 2026 को दोनों बंदियों को रिहा कर दिया गया।
 
रिहाई के दौरान समिति के चेयरमैन आशुतोष बाजपेई, चिकित्सा सचिव अंकुश अग्रवाल, उपाध्यक्ष प्रवीण पासान और विजय सेठ सहित जेल प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे। यह पहल मानवीय संवेदनाओं का उदाहरण है, जो दर्शाती है कि आर्थिक कमजोरी किसी व्यक्ति की स्वतंत्रता में बाधा नहीं बननी चाहिए।

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