करियर पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज एंड हॉस्पिटल द्वारा ‘विश्व मौखिक स्वास्थ्य दिवस’ पर जागरूकता अभियान
स्वस्थ मुस्कान के लिए ग्रामीणों को दिया गया महत्वपूर्ण संदेश स्वस्थ मुँह- स्वस्थ जीवन का आधार तंबाकू और गुटखा: छिपा हुआ खतरा
लखनऊ-सचिन बाजपेई
राजधानी के चिनहट क्षेत्र स्थित ग्राम पंचायत सरौरा में विश्व मौखिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर एक व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम Career Post Graduate Institute of Dental Sciences and Hospital के पब्लिक हेल्थ डेंटिस्ट्री विभाग द्वारा ग्राम सचिवालय परिसर में आयोजित किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य केवल जानकारी देना ही नहीं, बल्कि ग्रामीणों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाना भी था, ताकि वे मौखिक स्वास्थ्य को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बना सकें।
स्वस्थ मुँह- स्वस्थ जीवन का आधार
कार्यक्रम की शुरुआत में विशेषज्ञ डॉक्टरों ने बताया कि मुँह की स्वच्छता केवल दाँतों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे शरीर के स्वास्थ्य से जुड़ी होती है।
डॉक्टरों ने समझाया कि—
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मुँह में संक्रमण से हृदय और पाचन संबंधी समस्याएँ भी हो सकती हैं
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नियमित सफाई से कई गंभीर बीमारियों को रोका जा सकता है
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सही खान-पान और स्वच्छता से जीवन की गुणवत्ता बेहतर होती है

तंबाकू और गुटखा: छिपा हुआ खतरा
जागरूकता सत्र में तंबाकू उत्पादों के दुष्प्रभावों पर विशेष चर्चा की गई।
विशेषज्ञों ने बताया कि—
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तंबाकू, बीड़ी और गुटखा से दाँतों का क्षरण होता है
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मसूड़ों की बीमारी और मुँह की दुर्गंध बढ़ती है
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लंबे समय तक सेवन से मुँह का कैंसर होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है
ग्रामीणों को वास्तविक उदाहरणों और चित्रों के माध्यम से इन दुष्प्रभावों को समझाया गया, जिससे लोगों पर गहरा प्रभाव पड़ा।
व्यावहारिक प्रशिक्षण और सहभागिता
कार्यक्रम को केवल भाषण तक सीमित न रखते हुए इसे पूरी तरह सहभागितापूर्ण बनाया गया।

मुख्य गतिविधियाँ:
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ब्रशिंग तकनीक का प्रदर्शन: डॉक्टरों ने सही तरीके से ब्रश करने की विधि का लाइव डेमो दिया, जिसमें गोलाकार मूवमेंट और सही समय (कम से कम 2 मिनट) पर जोर दिया गया।
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दंत जांच परामर्श: ग्रामीणों को नियमित रूप से दंत चिकित्सक से जांच कराने की सलाह दी गई।
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पोस्टर और स्लोगन अभियान: “A Happy Mouth is a Happy Life” जैसे संदेशों के जरिए लोगों को सरल भाषा में जागरूक किया गया।
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प्रश्नोत्तर सत्र: ग्रामीणों ने अपने दाँतों और मुँह से जुड़ी समस्याओं के बारे में सवाल पूछे, जिनका डॉक्टरों ने विस्तार से जवाब दिया।
महिलाओं और बुजुर्गों की सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम में महिलाओं और बुजुर्गों की विशेष भागीदारी देखने को मिली।
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महिलाओं को बच्चों के दंत स्वास्थ्य की देखभाल के बारे में बताया गया
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बुजुर्गों को कृत्रिम दाँत (डेंचर) की सफाई और देखभाल के बारे में जानकारी दी गई
स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संकल्प
कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों ने तंबाकू छोड़ने और नियमित रूप से मुँह की सफाई करने का संकल्प लिया।
स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में बेहद आवश्यक हैं, क्योंकि यहाँ जागरूकता की कमी के कारण लोग छोटी समस्याओं को नजरअंदाज कर देते हैं, जो आगे चलकर गंभीर बीमारी का रूप ले लेती हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूत पहल
इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम यह दर्शाते हैं कि स्वास्थ्य सेवाओं को केवल अस्पतालों तक सीमित न रखकर गाँव-गाँव तक पहुँचाना कितना जरूरी है। Career Post Graduate Institute of Dental Sciences and Hospital द्वारा किया गया यह प्रयास न केवल मौखिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि ग्रामीण समाज को स्वस्थ और जागरूक बनाने की दिशा में भी एक प्रेरणादायक पहल है।
इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि सही जानकारी और समय पर जागरूकता से बड़ी से बड़ी बीमारियों को रोका जा सकता है, और एक स्वस्थ समाज की नींव रखी जा सकती है।


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