बिराहिमपुर ग्राम पंचायत में सफाई व्यवस्था ध्वस्त, प्रधान व सचिव पर गंभीर आरोप

ग्रामीणों में आक्रोश, प्राथमिक विद्यालय बना जंगल

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मलिहाबाद- मलिहाबाद तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली बिराहिमपुर ग्राम पंचायत इन दिनों बदहाल सफाई व्यवस्था को लेकर चर्चा में है। गांव के ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान रामशंकर और पंचायत सचिव पर घोर लापरवाही और अनदेखी के गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में महीनों से नियमित साफ-सफाई नहीं कराई गई है, जिसके चलते पूरे पंचायत में गंदगी का अंबार लग गया है और लोगों का जीवन दूभर हो गया है।
 
बिराहिमपुर ग्राम पंचायत में सफाई व्यवस्था ध्वस्त, प्रधान व सचिव पर गंभीर आरोप
 
ग्राम पंचायत के रामपुर बस्ती मजरा की स्थिति सबसे ज्यादा खराब बताई जा रही है। यहां की नालियां पूरी तरह जाम होकर बजबजा रही हैं, जिससे गंदा पानी सड़कों और गलियों में फैल रहा है। दुर्गंध के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद न तो प्रधान ने कोई ध्यान दिया और न ही पंचायत सचिव ने इस दिशा में कोई ठोस कदम उठाया।
 
वहीं शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले प्राथमिक विद्यालय की हालत भी बेहद चिंताजनक बनी हुई है। विद्यालय परिसर में जगह-जगह झाड़ियां और घास उग आई हैं, जिससे पूरा परिसर जंगल जैसा नजर आने लगा है। साफ-सफाई के अभाव में बच्चों के स्वास्थ्य पर भी खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, यहां तैनात शिक्षक खुद अपने निजी खर्च से मजदूर लगाकर विद्यालय की सफाई कराने को मजबूर हैं, जो कि प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
 
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि ग्राम प्रधान रामशंकर दबंग प्रवृत्ति का व्यक्ति है। जो भी व्यक्ति अपनी समस्या या शिकायत लेकर उसके पास पहुंचता है, उसे डराने-धमकाने की कोशिश की जाती है। इस कारण लोग खुलकर अपनी समस्याएं रखने से भी डरते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि प्रधान द्वारा सरकारी व्यवस्थाओं का दुरुपयोग किया जा रहा है और आम जनता की समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।
 
इसके अलावा ग्रामीणों ने यह भी गंभीर आरोप लगाए हैं कि पंचायत में तैनात सफाईकर्मियों का सही तरीके से उपयोग नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि प्रधान केवल अपने चहेते और करीबी लोगों के घरों व आसपास ही सफाई कराता है, जबकि बाकी गांव गंदगी और अव्यवस्था से जूझता रहता है। इससे गांव में असमानता और नाराजगी का माहौल बना हुआ है।
 
ग्रामीणों में इस पूरे मामले को लेकर भारी आक्रोश व्याप्त है। उनका कहना है कि अगर जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत करने को भी मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने पर प्रधान व पंचायत सचिव के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि गांव में साफ-सफाई की व्यवस्था दुरुस्त हो सके और लोगों को राहत मिल सके।

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