स्टॉक व बिक्री रजिस्टर अधूरे मिलने पर 3 उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित

अधिकारियों ने उर्वरक दुकानों और गेहूं क्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण किया

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अमेठी। जनपद में उर्वरकों की उपलब्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे निरीक्षण अभियान के तहत प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। स्टॉक एवं बिक्री रजिस्टर में अनियमितताएं पाए जाने पर तीन उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं। यह कार्रवाई संयुक्त कृषि निदेशक, अयोध्या मंडल अवतीन्द्र कुमार मिश्र एवं जिला कृषि अधिकारी डॉ. राजेश कुमार द्वारा संयुक्त रूप से की गई। अधिकारियों ने उर्वरक दुकानों और गेहूं क्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण किया।
 
निरीक्षण के दौरान मेसर्स यदुवंशी ट्रेडर्स, पूरबगांव द्वारा स्टॉक एवं बिक्री रजिस्टर प्रस्तुत नहीं किया जा सका। वहीं मेसर्स तिवारी ट्रेडर्स, गौरीगंज के पास चालू वर्ष का स्टॉक व बिक्री रजिस्टर उपलब्ध नहीं पाया गया। इसके अलावा इफको किसान सेवा केंद्र, गौरीगंज का स्टॉक एवं वितरण रजिस्टर सत्यापित नहीं मिला। इन गंभीर अनियमितताओं के चलते तीनों विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित करते हुए स्पष्टीकरण तलब किया गया है। इसके अतिरिक्त साधन सहकारी समिति, जगदीशपुर एवं माधवपुर के निरीक्षण के दौरान केंद्र बंद पाए जाने पर नोटिस जारी किया गया है।
 
जिला प्रशासन ने जनपद के सभी फुटकर उर्वरक विक्रेताओं को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे बिक्री रजिस्टर में निर्धारित कॉलम के साथ-साथ किसान का मोबाइल नंबर, खतौनी नंबर और फार्मर रजिस्ट्री नंबर अनिवार्य रूप से दर्ज करें। निर्देशों का पालन न करने पर संबंधित विक्रेता के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि किसानों को उनकी बोई गई फसल के अनुसार निर्धारित दर पर ही उर्वरक उपलब्ध कराया जाए। प्रति हेक्टेयर अधिकतम 5 बोरी डीएपी और 7 बोरी यूरिया की बिक्री ही अनुमन्य होगी।
 
सभी विक्रेताओं को निर्देशित किया गया है कि उनके पास स्टॉक व बिक्री रजिस्टर, रेट बोर्ड, कैश मेमो तथा भारत सरकार की अनुदान संबंधी जानकारी का प्रदर्शन (प्लेक्सी बोर्ड/वाल राइटिंग) अनिवार्य रूप से उपलब्ध हो। साथ ही पीओएस मशीन में दर्ज स्टॉक और भौतिक स्टॉक में कोई अंतर नहीं होना चाहिए। निरीक्षण के दौरान यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित विक्रेता का लाइसेंस निरस्त कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह निरीक्षण अभियान लगातार जारी रहेगा।
 

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