आपदा में अवसर! गैस एजेंसी पर ‘ब्लैक’ का खेल, विरोध करने पर युवक की पिटाई, 1200 रुपये भी छीने

खरगूपुर में केजीएन गैस एजेंसी पर गंभीर आरोप—महंगे दाम पर सिलेंडर बेचने का विरोध पड़ा भारी

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गोंडा। जनपद के खरगूपुर थाना क्षेत्र में स्थित केजीएन गैस एजेंसी एक बार फिर सवालों के घेरे में है। आरोप है कि जहां आम उपभोक्ता गैस के लिए भटक रहे हैं, वहीं एजेंसी संचालक आपदा को अवसर में बदलकर सिलेंडरों की कालाबाजारी में जुटे हैं। इसी कथित ‘ब्लैक’ खेल का विरोध करना एक युवक को भारी पड़ गया। खरगूपुर कटहरिया निवासी चंदन तिवारी (पुत्र प्रदीप तिवारी) 19 अप्रैल को दोपहर करीब 3 बजे गैस सिलेंडर लेने एजेंसी पहुंचे थे। पीड़ित का आरोप है कि जैसे ही उसने गैस की उपलब्धता और कीमत को लेकर सवाल उठाया, वहां मौजूद एजेंसी संचालक लाल मोहम्मद और उसके सहयोगियों का पारा चढ़ गया।
 
देखते ही देखते मामूली कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि लाल मोहम्मद सहित करीब आधा दर्जन लोगों और चंद्र प्रकाश (पुत्र राम उदार, निवासी नरायनपुर माफी) ने मिलकर चंदन तिवारी पर हमला बोल दिया। लाठी-डंडों और हाथ-पैरों से जमकर पिटाई की गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। यही नहीं, पीड़ित का कहना है कि मारपीट के दौरान उसके पास मौजूद 1200 रुपये नगद भी छीन लिए गए और उसे जान से मारने की धमकी दी गई। शोर-शराबा सुनकर मौके पर जुटे लोगों ने किसी तरह बीच-बचाव किया, तब जाकर उसकी जान बच सकी।
 
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पीड़ित ने अपने प्रार्थना पत्र में एजेंसी संचालक पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि आम लोगों को समय पर गैस नहीं दी जाती, जबकि सिलेंडरों को लगभग 1800 रुपये प्रति सिलेंडर के हिसाब से खुलेआम ‘ब्लैक’ में बेचा जा रहा है। यानी जरूरतमंदों की मजबूरी का फायदा उठाकर मोटी कमाई का खेल चल रहा है।घटना के बाद पीड़ित ने थाना खरगूपुर में लिखित शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और सख्त कार्रवाई की मांग की है।वहीं, पुलिस का कहना है कि प्रार्थना पत्र मिल गया है और मामले की जांच की जा रही है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि अगर आरोप सही हैं, तो आखिर कब तक ‘ब्लैक’ के इस खेल पर लगाम लगेगी और दोषियों पर कार्रवाई होगी?

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