अतिक्रमण और ई-रिक्शा से जाम प्रयाग राज में ट्रैफिक व्यवस्था  बेहाल

ई-रिक्शा संचालन को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो स्थिति और भी भयावह हो सकती है

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प्रयागराज। शहर की ट्रैफिक व्यवस्था इन दिनों पूरी तरह चरमरा गई है। प्रमुख चौराहों और व्यस्त बाजारों में सुबह से लेकर देर शाम तक जाम की स्थिति बनी रहती है, जिससे आमजन का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। जहां पहले लोग 10–15 मिनट में अपने गंतव्य तक पहुंच जाते थे, वहीं अब उसी दूरी को तय करने में एक  घंटे तक का समय लग रहा है।

शहर के सिविल लाइंस, कटरा, चौक, कीडगंज और जॉर्जटाउन जैसे प्रमुख इलाकों में अतिक्रमण और अव्यवस्थित यातायात व्यवस्था जाम की मुख्य वजह बन गई है। सड़कों के किनारे अवैध रूप से खड़े ठेले, दुकानें और पार्किंग ने रास्तों को संकरा कर दिया है। इसके साथ ही ई-रिक्शा का अनियंत्रित संचालन समस्या को और गंभीर बना रहा है। बिना तय रूट और नियमों के सड़कों पर दौड़ रहे ई-रिक्शा अक्सर बीच सड़क में सवारियां बैठाने और उतारने लगते हैं, जिससे यातायात बाधित होता है।

आम जनता इस समस्या से बेहद परेशान है। दफ्तर जाने वाले कर्मचारी, स्कूल-कॉलेज के छात्र और व्यापारी वर्ग रोजाना जाम में फंसकर समय और ऊर्जा दोनों गंवा रहे हैं। कई बार एंबुलेंस और आपातकालीन सेवाएं भी जाम में फंस जाती हैं, जिससे गंभीर हालात पैदा हो जाते हैं।

इसी मुद्दे को लेकर हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश पांडे ‘बबुआ’ ने कड़ी नाराज़गी जताई है। उन्होंने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि शहर में ट्रैफिक नियंत्रण के लिए कोई ठोस रणनीति नजर नहीं आ रही है। उनका कहना है कि यदि जल्द ही अतिक्रमण हटाने और ई-रिक्शा संचालन को नियंत्रित करने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो स्थिति और भी भयावह हो सकती है।

उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि प्रमुख मार्गों पर सख्ती से अतिक्रमण हटाया जाए, ई-रिक्शा के लिए निर्धारित रूट तय किए जाएं और ट्रैफिक पुलिस की सक्रियता बढ़ाई जाए। साथ ही स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू कर जाम की समस्या का स्थायी समाधान खोजा जाए। 

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