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ज्ञान भारतम् मिशन को गति देने के लिए प्रशासन सक्रिय
पाण्डुलिपियों के संरक्षण हेतु व्यापक सर्वेक्षण की तैयारी
प्रयागराज। भारतीय ज्ञान परम्परा को संरक्षित और समृद्ध बनाने की दिशा में “ज्ञान भारतम् मिशन” के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु गुरुवार को संगम सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने की।बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि मिशन के प्रथम चरण में जनपद की प्राचीन एवं दुर्लभ पाण्डुलिपियों का चिन्हीकरण किया जाएगा।
उन्होंने पाण्डुलिपियों के विषय में जानकारी रखने वाले विद्वानों, संस्थाओं एवं समाज के लोगों से अपने अनुभव साझा करने का आग्रह किया, ताकि इन अमूल्य धरोहरों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके। मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह ने मिशन के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि यह अभियान भारतीय ज्ञान परम्परा को पुनर्जीवित करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
बैठक में विभिन्न संगठनों एवं विद्वानों ने अपने विचार रखे। सिविल डिफेन्स के अनिल कुमार गुप्ता (अन्नू भैया) ने बताया कि प्रयागराज से सटे कौशाम्बी और रीवा क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण पाण्डुलिपियाँ उपलब्ध हैं, जिनका सर्वेक्षण और संरक्षण अत्यंत आवश्यक है।तीर्थ पुरोहित संघ के अध्यक्ष राजेन्द्र पालीवाल ने कहा कि प्रयागवाल पुरोहित समाज के पास सैकड़ों वर्षों पुरानी वंशावलियाँ और ग्रंथ सुरक्षित हैं, जो प्राचीन भाषाओं में लिखित हैं।
ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डा0 जमील अहमद ने जनपद की समृद्ध ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि यहाँ बड़ी संख्या में पाण्डुलिपियाँ मौजूद हैं। वहीं दायराशाह अजमल से आए मौलाना शमशेर आजम और सज्जादानशीन फराज फाखरी ने बताया कि प्रयागराज के दायरों में हस्तलिखित ग्रंथ सुरक्षित हैं।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग के आचार्य अनिल प्रताप गिरि ने सुझाव दिया कि गांव-गांव जाकर सर्वेक्षण किया जाना चाहिए, क्योंकि मंदिरों, मठों, मस्जिदों और मदरसों में अभी भी अनेक पाण्डुलिपियाँ सुरक्षित हैं।हिन्दी साहित्य सम्मेलन के कुन्तक मिश्र ने जानकारी दी कि उनके संस्थान में लगभग 12 हजार पाण्डुलिपियाँ हैं, जिनका डिजिटाइजेशन कार्य जारी है।
उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र की डॉ0 कल्पना सहाय ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से इस अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। बैठक का संयोजन संस्कृति विभाग के पाण्डुलिपि अधिकारी गुलाम सरवर द्वारा किया गया। इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी जी.पी. कुशवाहा, जिला कार्यक्रम अधिकारी दिनेश सिंह, इलाहाबाद संग्रहालय की डॉ. संजू मिश्रा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, शिक्षाविद् एवं सामाजिक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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