RBI ने इस बैंक का लाइसेंस किया रद्द, जानें क्या है वजह

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RBI: कर्नाटक के बैंकिंग सेक्टर से एक बड़ी खबर सामने आई है। भारतीय रिजर्व बैंक ने मंड्या जिले के मद्दूर में स्थित सहकारी बैंक Shimsha Sahakara Bank Niyamitha का लाइसेंस पूरी तरह रद्द कर दिया है। लंबे समय से चल रहे कानूनी विवाद के बाद यह फैसला लागू हुआ है, जिसके बाद अब यह बैंक किसी भी तरह की बैंकिंग गतिविधि नहीं कर पाएगा। इस मामले में कार्रवाई Reserve Bank of India (RBI) द्वारा की गई है।

दरअसल, यह मामला काफी समय से चल रहा था। RBI ने 5 जुलाई 2024 को ही एक आदेश जारी कर इस बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया था और बैंक को तुरंत बैंकिंग कारोबार बंद करने का निर्देश दिया था। हालांकि बैंक प्रबंधन ने इस आदेश को चुनौती देते हुए Karnataka High Court में याचिका दायर कर दी थी। इस याचिका (Writ Petition No. 19767 of 2024) पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने 25 जुलाई 2024 को अंतरिम आदेश जारी किया था, जिसके कारण RBI की कार्रवाई पर अस्थायी रोक लग गई थी। इसी वजह से बैंक पर लगाए गए प्रतिबंधों की समय-सीमा समय-समय पर बढ़ाई जाती रही और इसे आखिरी बार 24 मई 2026 तक के लिए बढ़ाया गया था।

इस मामले में बड़ा मोड़ 17 फरवरी 2026 को आया, जब कर्नाटक हाईकोर्ट ने बैंक द्वारा दायर की गई याचिका को वापस लिए जाने के कारण खारिज कर दिया। जैसे ही अदालत में याचिका खारिज हुई, RBI का 5 जुलाई 2024 वाला आदेश दोबारा प्रभावी हो गया और तुरंत लागू हो गया। इसके साथ ही बैंक का लाइसेंस आधिकारिक रूप से रद्द हो गया।

लाइसेंस रद्द होने के बाद बैंक पर Banking Regulation Act, 1949 के तहत कई सख्त प्रतिबंध लागू हो गए हैं। अब बैंक किसी भी तरह का नया जमा स्वीकार नहीं कर सकता और न ही ग्राहकों को पैसे निकालने की सुविधा दे सकता है। इसके अलावा बैंक अब ‘बैंकिंग’ शब्द का इस्तेमाल भी नहीं कर पाएगा और किसी भी प्रकार के वित्तीय लेनदेन को अंजाम नहीं दे सकेगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है, यानी बैंक की शाखाएं ग्राहकों के लिए बंद हो चुकी हैं।

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बैंक का लाइसेंस रद्द होने के बाद सबसे ज्यादा चिंता जमाकर्ताओं को होती है। ऐसे मामलों में बैंक की संपत्तियों का मूल्यांकन किया जाता है और एक लिक्विडेटर नियुक्त किया जा सकता है। जमाकर्ताओं को उनकी जमा राशि Deposit Insurance and Credit Guarantee Corporation (DICGC) के नियमों के अनुसार मिलती है। इसके तहत हर जमाकर्ता को अधिकतम 5 लाख रुपये तक की जमा राशि का बीमा संरक्षण मिलता है। इसलिए जिन ग्राहकों के खाते में 5 लाख रुपये तक की राशि है, उनकी रकम सुरक्षित मानी जाती है।

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संदीप कुमार मीडिया जगत में पिछले 2019 से ही सक्रिय होकर मीडिया जगत में कार्यरत हैं। अख़बार के अलावा अन्य डिजिटल मीडिया के साथ जुड़े रहे हैं। संदीप का पॉलिटिकल न्यूज, जनरल न्यूज में अनुभव रहा है। साथ ही ऑनलाइन खबरों में काफी अनुभव है l 

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