डेढ़ साल पहले कराई नसबंदी, फिर भी हुआ तीसरा बच्चा; महिला ने सरकार से मांगा खर्च

उत्तर प्रदेश के जालौन में नसबंदी ऑपरेशन के डेढ़ साल बाद महिला को तीसरा बच्चा होने का मामला सामने आया है। परिवार ने स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सरकार से बच्चे के पालन-पोषण का खर्च उठाने की मांग की है। जांच के आदेश जारी।

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जालौन (उत्तर प्रदेश):

 

स्वास्थ्य विभाग की कथित लापरवाही का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जिले के डाकोर क्षेत्र की एक महिला ने डेढ़ साल पहले नसबंदी कराई थी, लेकिन इसके बावजूद उसने तीसरे बच्चे को जन्म दे दिया। आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार ने इसे सरकारी चूक बताते हुए जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री से शिकायत की है और बच्चे के पालन-पोषण का खर्च सरकार से उठाने की मांग की है।

परिवार के मुखिया भानुप्रताप, जो पेशे से राजमिस्त्री हैं, ने बताया कि उनके पहले से दो बच्चे थे। परिवार नियोजन के तहत उन्होंने दूसरे बच्चे के जन्म के समय पत्नी की नसबंदी कराई थी। ऑपरेशन के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने नसबंदी सफल होने की जानकारी दी थी, जिसके बाद वे निश्चिंत होकर घर लौट आए।

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कुछ समय बाद महिला के गर्भवती होने की जानकारी मिलने पर परिवार हैरान रह गया। भानुप्रताप का कहना है कि उन्होंने स्वास्थ्य विभाग में शिकायत की, लेकिन लंबे समय तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि पिछले करीब दो साल से वे अलग-अलग सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं।

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डीएम ने दिए जांच के आदेश

मामले की शिकायत जिलाधिकारी तक पहुंचने के बाद जांच के आदेश दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

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सरकार से खर्च उठाने की मांग

भानुप्रताप का कहना है कि महंगाई के दौर में वे दो बच्चों का पालन-पोषण ही मुश्किल से कर पा रहे हैं। उन्होंने परिवार नियोजन अभियान का पालन करते हुए नसबंदी कराई थी, लेकिन अब तीसरे बच्चे के जन्म से आर्थिक बोझ बढ़ गया है। उनका कहना है कि यदि नसबंदी में लापरवाही हुई है तो बच्चे के पालन-पोषण का खर्च सरकार को उठाना चाहिए।

इस मामले में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. वीरेंद्र सिंह ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है और रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

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