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पीएम केयर्सः पीएमओ ने लोकसभा से कहा- संसद में कोई सवाल नहीं पूछा जा सकता
ब्यूरो प्रयागराज। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने लोकसभा सचिवालय को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पीएम केयर्स फंड, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) और राष्ट्रीय रक्षा कोष (एनडीएफ) से संबंधित कोई भी सवाल या मामले लोकसभा में स्वीकार्य नहीं होंगे। यह जानकारी 'द इंडियन एक्सप्रेस' ने सूत्रों के हवाले से लिखी गई एक रिपोर्ट में दी है।
पीएमओ की ओर से दिया गया मुख्य कारण यह है कि इन तीनों कोषों का कोष पूरी तरह से जनता के स्वैच्छिक योगदान से बनता है, न कि भारत सरकार के (Consolidated Fund of India) किसी आवंटन से। इसलिए ये कोष सरकार के प्रत्यक्ष नियंत्रण में नहीं माने जाते। पीएमओ ने सलाह दी है कि यदि इन कोषों पर कोई प्रश्न, नोटिस या विशेष उल्लेख की सूचना मिले तो प्रावधानों का पालन किया जाए।
पीएम केयर्स फंड की स्थापना 27 मार्च 2020 को एक पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट के रूप में की गई थी, ताकि कोविड-19 महामारी जैसी आपात स्थितियों से निपटा जा सके। 2022-23 के प्राप्ति और भुगतान खाते के अनुसार, मार्च 2023 के अंत तक इस फंड में 6,283.7 करोड़ रुपये का बैलेंस था। उसके बाद इस फंड के बारे में कोई जानकारी नहीं आई कि इसमें कितना पैसा है।
पीएमएनआरएफ की स्थापना जनवरी 1948 में हुई थी, जो प्राकृतिक आपदाओं, दुर्घटनाओं और दंगों से प्रभावित लोगों को राहत प्रदान करता है और यह भी जनता के योगदान पर आधारित है। वहीं राष्ट्रीय रक्षा कोष (एनडीएफ) सशस्त्र और अर्धसैनिक बलों तथा उनके परिवारों के कल्याण के लिए काम करता है, जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री करते हैं।
यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब विपक्ष और विभिन्न पक्षों से इन कोषों की पारदर्शिता, ऑडिट और जवाबदेही को लेकर सवाल उठते रहे हैं। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 2020 में पीएम सीएRES फंड को एनडीआरएफ में ट्रांसफर करने से इनकार कर दिया था और कहा था कि दोनों के उद्देश्य अलग हैं तथा पीएम केयर्स एक चैरिटेबल ट्रस्ट होने के कारण CAG ऑडिट के दायरे में नहीं आता।

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