कही  कबाड़ की हो रही करोड़ों की इस लूट  में सब तो नहीं है हिस्सेदार

जनपद  के सभी 15ब्लॉको की 1165 ग्राम पंचायतों  में करोड़ों का कबाड़  घोटाला  आया सामने  सूचना अधिकार अधिनियम के अंतर्गत  ब्लॉक बार  मांगी गई नल रिबोर और मरम्मत संबंधी  5 बिंदुओं पर आधारित सूचनाएं 

Swatantra Prabhat UP Picture
Published On

लखीमपुर खीरी। जनपद  में  जिम्मेदार अफसरों  की  मनमानी  के चलते  मुख्यमंत्री की जीरो टॉलरेंस  नीति  हकीकत की धरातल पर  दम तोड़ती  नजर आ रही है। योगी सरकार और जिले की  निडर और तेज तर्रार  जिलाधिकारी  दुर्गा शक्ति  नागपाल  की लाख कोशिशों के बाद भी  ब्लॉक बीजूआ  में  भ्रस्टाचार  और सरकारी धन की लूट  का सिलसिला  रुकने का नाम नहीं ले रहा है। ऐसा ही एक सनसनी खेज  मामला   जनपद  सभी ब्लॉको  की  कुल 1165 ग्राम पंचायतो में प्रकाश में आया है।
 
जहां पर  नल रिबोर  का कबाड़ जिम्मेदारो  द्वारा  डकार लिए जाने  का मामला जन  चर्चा का विषय बना है। सूत्र बताते हैं कि  इस  नल रिबोर  वाले कबाड़  की नीलामी  की जानकारी किसी को भी  नहीं है। न तो खंड विकास अधिकारी   को पता है और न ही  सहायक विकास अधिकारी  (पंचायत)  को ही मालुम  हैं  कि कब हुई नीलामी? कयास लगाए जा रहे हैं कि कहीं हो रही इस कबाड़ की लूट में  सब तो  हिस्सेदार  नहीं है।
 
बताया गया है कि इन ग्राम पंचायतो में  नल रिबोर  के नाम पर  लाखों  का घोटाला किया गया है  और  देखा जाए तो कई नल आज भी खराब पड़े हैं  या  काग़ज़ों पर मानक विहीन मरम्मत कार्य दिखाकर अपनी-अपनी  तिजोरियों  को भर लिए जाने के आरोप  लगाए गए हैं।ग्रामीणों का आरोप है  कि इस खेल में ब्लॉक के अधिकारी भी शामिल हैं  जिनकी शह  पर ही इस भ्रस्टाचार के खेल को हवा मिल रही है।
 
सूत्रों के अनुसार  काग़ज़ों पर भारी मात्रा में  नल रिबोर और मरम्मत के नाम पर  लाखों का भुगतान निकाला गया है  जबकि जमीनी हालात कुछ और ही बयान  कर रहे हैं। सबसे बड़ी बात तो यह है  कि रिबोर और मरम्मत  के  बाद  निकले पुराने पाइप,राड और अन्य कबाड़ गया कहा? जब इस मामले की जानकारी लेने का प्रयास  किया गया  तो खंड बिकास अधिकारी और ए .डी  .ओ. पंचायत  सहित दोनों अधिकारी  जानकारी देने से बचते नजर  आए और  कोई सपष्ट  जबाब नहीं मिला।दोनों अधिकारियों की चुप्पी ने मामले को और भी सन्देशहापद  बना दिया है।
 
चर्चा है कि इस खेल में कहीं जिम्मेदारों की  बराबर की भागीदारी तो नहीं है ? ग्रामीणों का आरोप है कि कहीं इस खेल में कबाड़ की खुलेआम लूट तो नहीं हो रही है? लोगों ने इस पूरे मामले  की निष्पक्ष जांच  कराए जाने तथा दोषियों के  विरूद्ध कठोर कार्रवाई  किए जाने की मांग की है।देखना  यह होगा  कि  प्रशासन इस गंभीर मामले पर क्या कदम उठाता है?या फिर यह मामला भी  अफसरों की फाइल में  दब कर रह जाएगा।
 
सूचना अधिकार अधि. से चाही गई  सूचना  मिलने के बाद  होगा बड़ा खुलासा--
 
जनपद में  नल रिबोर के कबाड़ का घोटाला  से जुड़ी जानकारियां सूचना अधिकार अधिनियम से चाही गई है l  उक्त अधिनियम के तहत  मांगी गई 5 बिंदुओं पर आधारित सूचना में  रिबोर  से निकला कबाड़ कहा है?पांच सालों में  प्रति वर्ष प्रति  ग्राम पंचायत  रिबोर  कराए गए नलों  की संख्या पंचायत बार चाही गई है l 
 
उक्त कबाड़ की बिक्री की नीलामी  कब कारवाई गई  ,कितने प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया  टेन्डर की डेट और समाचार पत्र की प्रति चाही है।यह भी जानकारी चाही गई है कि  कबाड़ की बिक्री से आये धनराशि  किस खाते में  जमा  की गई है l   वांछित सूचनाएं मिलने  के बाद  एक बड़ा खुलासा आएगा सामने  ।वहीं  लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई किए जाने की मांग की है देखना अब यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले पर क्या कदम उठाता है? या फिर यह मामला भी अफसर की फाइल में दब कर रह जाएगा।
 

About The Author

Post Comments

Comments

संबंधित खबरें