राजनीति
क्रेमलिन में UAE राष्ट्रपति का भव्य स्वागत, पुतिन बोले— अरब जगत में हमारे मुख्य साझेदार हैं आप
International Desk
रूसी राष्ट्रपति की आधिकारिक वेबसाइट और टीवी ब्रिक्स की रिपोर्ट के अनुसार, बैठक के दौरान राष्ट्रपति पुतिन ने रूस-यूएई द्विपक्षीय व्यापार में निरंतर वृद्धि और संबंधों में सकारात्मक गति को रेखांकित किया। उन्होंने व्यापार, आर्थिक और तकनीकी सहयोग पर अंतर-सरकारी आयोग के प्रभावी कार्य, संयुक्त निवेश परियोजनाओं, व्यापार मंचों और क्षेत्रीय साझेदारियों के विस्तार का उल्लेख किया।
पुतिन ने मानवीय सहयोग को मजबूत करने पर भी जोर देते हुए कहा कि शिक्षा, विज्ञान और खेल के क्षेत्र में सहयोग लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने नवंबर में यूएई में आयोजित रूसी संस्कृति दिवस की सफलता का उल्लेख किया और अमीरात में एक रूसी विश्वविद्यालय तथा युवा विज्ञान पार्क स्थापित करने की योजनाओं की जानकारी दी। पर्यटन क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति देखी गई है। वर्ष 2025 के पहले नौ महीनों में लगभग 15 लाख रूसी नागरिकों ने यूएई की यात्रा की, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 18 प्रतिशत अधिक है।
यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने विश्वास जताया कि वर्ष 2026 रूस के लिए प्रगति और विकास का वर्ष होगा और इससे द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने मॉस्को के साथ सहयोग को गहरा करने और रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए यूएई की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि सेवा व्यापार और निवेश से जुड़े हालिया समझौते तथा यूएई और यूरेशियन आर्थिक संघ (ईएईयू) के बीच आर्थिक साझेदारी समझौता व्यापार विस्तार और पारस्परिक निवेश को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाएंगे।
Read More हिंद महासागर में बढ़ेगी भारत की रणनीतिक ताकत, जयशंकर ने कोमोरोस के विदेश मंत्री से की अहम मुलाकातइस साझेदारी पर टिप्पणी करते हुए रूसी संघ सरकार के अधीन वित्तीय विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विशेषज्ञ मिखाइल खाचतुरियन ने कहा कि भले ही दोनों देशों के बीच व्यापार संरचना पूरी तरह संतुलित न हो, लेकिन तेज़ विकास, बढ़ते निवेश और नए समझौते एक अधिक स्थिर और विविध साझेदारी की नींव रख रहे हैं।
उन्होंने बताया कि रूस हलाल मांस और मिठाइयों सहित कृषि उत्पादों के निर्यात में वृद्धि कर रहा है, जबकि यूएई में रूसी निवेश 30 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक हो चुका है और वहां लगभग 4,000 रूसी कंपनियां पंजीकृत हैं। ऊर्जा मशीनरी, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, फार्मास्यूटिकल्स, डिजिटल प्रौद्योगिकी, पर्यटन, भुगतान प्रणाली और कृषि जैसे क्षेत्र दोनों देशों के बीच सहयोग के प्रमुख केंद्र बने हुए हैं।

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