IAS Success Story: लाखों की नौकरी छोड़ शुरू की यूपीएससी की तैयारी, AIR-6 लाकर बनीं IAS विशाखा यादव
IAS Success Story: इंजीनियरिंग के बाद जिंदगी पूरी तरह सेट लग रही थी। मल्टीनेशनल कंपनी में सॉफ्टवेयर डेवलपर की नौकरी, अच्छी-खासी सैलरी और सुरक्षित भविष्य—सब कुछ मौजूद था। लेकिन मन के अंदर कुछ अलग करने की चाह थी, ऐसी पहचान बनाने की, जो समाज के लिए मायने रखे। यही चाह कब IAS बनने का जुनून बन गई, यह विशाखा यादव को भी पता नहीं चला। आज IAS विशाखा यादव की सफलता की कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो आरामदायक जिंदगी छोड़कर कुछ बड़ा करने का सपना देखते हैं।
दिल्ली पुलिस में दारोगा हैं पिता
इंजीनियरिंग के बाद चुना UPSC का रास्ता
12वीं तक की पढ़ाई दिल्ली से करने के बाद विशाखा ने इंजीनियरिंग करने का फैसला लिया। उन्होंने दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (DTU) से बीटेक किया। साल 2014 में ग्रेजुएशन के बाद उन्हें सिस्को कंपनी में सॉफ्टवेयर डेवलपर की नौकरी मिल गई। करीब दो साल तक उन्होंने बेंगलुरु में काम किया और अच्छी सैलरी कमाई।
लाखों की टेक जॉब छोड़ UPSC की तैयारी
पैसा और सुविधाएं थीं, लेकिन सिविल सेवा जैसी संतुष्टि नहीं थी। इसी सोच के साथ विशाखा ने नौकरी छोड़ दी और दिल्ली आकर फुल-टाइम UPSC की तैयारी शुरू कर दी। यह फैसला आसान नहीं था, क्योंकि आगे अनिश्चितता भरा रास्ता था।
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विशाखा ने पहला UPSC प्रयास दिया, लेकिन सफलता नहीं मिली। दूसरी बार भी असफलता हाथ लगी। इस दौरान उनके जॉब छोड़ने के फैसले पर सवाल उठने लगे। लोग कहने लगे कि अच्छी नौकरी छोड़कर गलती कर दी। लेकिन विशाखा का आत्मविश्वास नहीं डगमगाया। उन्होंने ठान लिया था कि जवाब शब्दों से नहीं, सफलता से देना है।
UPSC 2019 में AIR-6 हासिल कर रचा इतिहास
लगातार मेहनत और दृढ़ संकल्प का नतीजा आखिरकार सामने आया। UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2019 में विशाखा यादव ने ऑल इंडिया रैंक-6 हासिल कर सभी आलोचनाओं पर विराम लगा दिया। इस उपलब्धि का श्रेय उन्होंने अपनी मां और परिवार के सपोर्ट को दिया।
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जून 2025 तक विशाखा यादव अरुणाचल प्रदेश में डिप्टी कमिश्नर के पद पर अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। हाल ही में उनका ट्रांसफर दिल्ली किया गया है। उनका सफर इस बात का सबूत है कि अगर लक्ष्य साफ हो और इरादे मजबूत हों, तो असफलताएं रास्ता नहीं रोक सकतीं।


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