IAS Success Story: सेट करियर छोड़कर UPSC चुना, हरियाणा की बेटी डॉ. अंकुर लाठर बनीं IAS

IAS Success Story: सेट करियर छोड़कर UPSC चुना, हरियाणा की बेटी डॉ. अंकुर लाठर बनीं IAS

IAS Success Story: सेट करियर, सुरक्षित भविष्य और आरामदायक जिंदगी—सब कुछ होते हुए भी हरियाणा की एक बेटी ने देश की सबसे कठिन परीक्षा UPSC का रास्ता चुना। यह फैसला आसान नहीं था। पहले प्रयास में असफलता मिली, लेकिन हार मानना उनके स्वभाव में नहीं था। यही जिद, जुनून और आत्मविश्वास उन्हें IAS बनने तक ले गया। हम बात कर रहे हैं हरियाणा के हिसार जिले की रहने वाली IAS डॉ. अंकुर लाठर की।

गांव से अफसर बनने तक का सफर

डॉ. अंकुर लाठर हिसार जिले के छोटे से गांव राजगढ़ से ताल्लुक रखती हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने कड़ी मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल किया। इस पूरे सफर में परिवार का भरपूर सहयोग उन्हें मिलता रहा, जिसने उनके हौसले को मजबूत बनाए रखा।

पिता से मिली डॉक्टर बनने की प्रेरणा

अंकुर लाठर के पिता करण सिंह लाठर पेशे से पशु चिकित्सक (Veterinary Doctor) हैं। बचपन से ही उन्होंने अपने पिता को सेवा भाव से काम करते देखा, जिससे उन्हें भी डॉक्टर बनने की प्रेरणा मिली। यही पारिवारिक संस्कार आगे चलकर देश सेवा के जुनून में बदल गए।

पढ़ाई में हमेशा अव्वल, AIIMS तक का सफर

अंकुर लाठर शुरू से ही पढ़ाई में तेज थीं। 10वीं में 94% अंक, 12वीं में 91% अंक प्राप्त किए थे। 

IAS Success Story: पकौड़े बेचने वाले पिता की बेटी बनी IAS, पढ़ें दीपेश कुमारी की सक्सेस स्टोरी Read More IAS Success Story: पकौड़े बेचने वाले पिता की बेटी बनी IAS, पढ़ें दीपेश कुमारी की सक्सेस स्टोरी

शुरुआती पढ़ाई गांव में करने के बाद उन्होंने हिसार के एक CBSE स्कूल से आगे की पढ़ाई की। इसके बाद MBBS में दाखिले के लिए एंट्रेंस एग्जाम पास कर उन्होंने AIIMS में प्रवेश लिया, जो अपने आप में बड़ी उपलब्धि है।

IAS Success Story: राजस्थान की बेटी 22 साल की उम्र में बनीं IAS अफसर, पहले ही प्रयास में हासिल की 73वीं रैंक Read More IAS Success Story: राजस्थान की बेटी 22 साल की उम्र में बनीं IAS अफसर, पहले ही प्रयास में हासिल की 73वीं रैंक

मेडिकल करियर छोड़ चुना UPSC

AIIMS से MBBS करने के बाद अंकुर लाठर के सामने एक सुरक्षित और शानदार मेडिकल करियर का रास्ता खुला था। लेकिन उनका सपना सिर्फ डॉक्टर बनना नहीं था, बल्कि प्रशासनिक सेवा के जरिए देश की सेवा करना था। इसी सोच के साथ उन्होंने वर्ष 2013 में UPSC की तैयारी शुरू की। मेडिकल बैकग्राउंड होने के कारण उन्होंने Medical Science को अपना ऑप्शनल विषय चुना।

Sarkari Naukri: फॉरेस्टर के पदों पर निकली बंपर भर्ती, 47000 रुपये मिलेगी सैलरी Read More Sarkari Naukri: फॉरेस्टर के पदों पर निकली बंपर भर्ती, 47000 रुपये मिलेगी सैलरी

पहली असफलता, फिर ऐतिहासिक सफलता

UPSC का पहला प्रयास उनके लिए सफल नहीं रहा। लेकिन असफलता ने उन्हें तोड़ा नहीं, बल्कि और मजबूत बना दिया। लगातार मेहनत, आत्मविश्लेषण और सही रणनीति के दम पर उन्होंने UPSC CSE 2016 में ऑल इंडिया रैंक 77 हासिल कर ली और IAS अधिकारी बनीं।

युवाओं के लिए प्रेरणा

IAS डॉ. अंकुर लाठर की कहानी उन युवाओं के लिए बड़ी प्रेरणा है, जो असफलता से डर जाते हैं या सुरक्षित रास्ता छोड़ने का साहस नहीं कर पाते। उन्होंने साबित कर दिया कि अगर लक्ष्य बड़ा हो और इरादे मजबूत हों, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं।

About The Author

स्वतंत्र प्रभात मीडिया परिवार को आपके सहयोग की आवश्यकता है ।

राष्ट्रीय हिंदी दैनिक स्वतंत्र प्रभात ऑनलाइन अख़बार

Post Comment

Comment List

आपका शहर

अंतर्राष्ट्रीय

दिल्ली दंगों के बड़े साजिश मामले में सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला: उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत नहीं, अन्य पांच आरोपियों को मिली राहत दिल्ली दंगों के बड़े साजिश मामले में सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला: उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत नहीं, अन्य पांच आरोपियों को मिली राहत
नई दिल्ली,  सुप्रीम कोर्ट ने आज 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े कथित 'बड़ी साजिश' मामले में बड़ा फैसला...

Online Channel