IAS Success Story: पुलिस कॉन्स्टेबल की बेटी बनीं IAS अफसर, दूसरे प्रयास में मिली सफलता
IAS Success Story: सफलता की सीढ़ी चढ़ना आसान नहीं होता, लेकिन अगर इरादे मजबूत हों और लक्ष्य स्पष्ट हो, तो बिना कोचिंग के भी बड़ी कामयाबी हासिल की जा सकती है। IAS इशिता राठी की कहानी इसी बात का बेहतरीन उदाहरण है। उन्होंने बिना किसी कोचिंग क्लास के UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी की और ऑल इंडिया रैंक 8 हासिल कर IAS अधिकारी बनीं।
पुलिस परिवार से है ताल्लुक
पढ़ाई में शुरू से रहीं मेधावी
इशिता राठी की शुरुआती पढ़ाई दिल्ली के वसंत कुंज स्थित DAV पब्लिक स्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रतिष्ठित लेडी श्रीराम कॉलेज से इकोनॉमिक्स ऑनर्स में ग्रेजुएशन किया। आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने मद्रास स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से पोस्ट ग्रेजुएशन (मास्टर्स) की डिग्री हासिल की। मास्टर्स के दौरान ही उन्होंने सिविल सेवा में जाने का फैसला किया और UPSC की तैयारी शुरू कर दी।
पहली असफलता, फिर बड़ी सफलता
IAS इशिता राठी ने UPSC की तैयारी घर पर रहकर सेल्फ स्टडी के जरिए की। उन्होंने किसी भी तरह की कोचिंग नहीं ली। साल 2019 में उन्होंने पहली बार UPSC सिविल सेवा परीक्षा दी, लेकिन इस प्रयास में उन्हें सफलता नहीं मिली। हालांकि, उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी रणनीति को और बेहतर किया। इसके बाद 2021 में उन्होंने दोबारा परीक्षा दी और इस बार ऑल इंडिया रैंक 8 हासिल कर IAS बनने का सपना पूरा किया।
पति भी हैं IAS अधिकारी
इशिता राठी ने अपने ही बैचमेट से शादी की है। उनके पति रवि सिहाग भी IAS अधिकारी हैं और उन्होंने UPSC परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 18 हासिल की थी। वर्तमान में IAS इशिता राठी नॉर्थ पुडुचेरी में सब-कलेक्टर (रेवेन्यू) के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनके पति मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के लखनादौन में सब-डिविजनल ऑफिसर (रेवेन्यू) के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।


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