Best Cow Breed: इस नस्ल की गाय किसान को बना देगी मालामाल, बाल्टी भर-भर के देगी दूध
Best Cow Breed: पशुपालन आज लोगों के लिए आय और समृद्धि का मजबूत जरिया बनता जा रहा है। ग्रामीण इलाकों के साथ-साथ अब शहरी क्षेत्र और पढ़े-लिखे युवा भी पशुपालन की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं। गाय, भैंस, बकरी और सूअर पालन के जरिए लोग अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। हालांकि, गाय पालन में सही नस्ल की जानकारी न होने के कारण कई पशुपालकों को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है।
राठी गाय
राठी गाय एक प्रमुख उन्नत नस्ल मानी जाती है, जो मुख्य रूप से राजस्थान में पाई जाती है। इस गाय का रंग भूरा, सफेद या काले रंग का मिश्रण होता है। राठी गाय का औसत वजन करीब 300 किलोग्राम तक होता है। यह नस्ल प्रतिदिन औसतन 8 से 12 लीटर दूध का उत्पादन करती है। बाजार में राठी गाय की कीमत करीब 20 हजार रुपये से लेकर 60 हजार रुपये तक हो सकती है, जो उसकी उम्र और दुग्ध क्षमता पर निर्भर करती है।
Read More Railway Interesting Facts: भारत का अनोखा रेलवे स्टेशन, जहां रविवार को नहीं बजती ट्रेन की सीटीथारपारकर गाय
वहीं थारपारकर गाय को पशुपालकों के बीच ‘दुधारू सोना’ के नाम से जाना जाता है। इस नस्ल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह भीषण गर्मी और सर्दी दोनों को आसानी से सहन कर लेती है। थारपारकर गाय का रंग आमतौर पर सफेद या धूसर होता है और इसकी पीठ पर हल्की आसमानी रंग की धारियां पाई जाती हैं। इसका सिर मध्यम आकार का, कान चौड़े और पूंछ पतली व लंबी होती है।
थारपारकर गाय प्रतिदिन लगभग 15 से 18 लीटर दूध देने की क्षमता रखती है। एक ब्यांत में यह गाय करीब 1500 से 2200 लीटर तक दूध का उत्पादन कर सकती है। इसके अलावा इस नस्ल में रोग प्रतिरोधक क्षमता भी अधिक होती है, जिससे यह जल्दी बीमार नहीं पड़ती। अच्छी सेहत और ज्यादा दूध के कारण किसान कम खर्च में ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं।
खास बात यह है कि थारपारकर गाय का पालन सामान्य गायों की तरह ही किया जा सकता है। इसे किसी विशेष आहार या देखभाल की जरूरत नहीं होती। यही कारण है कि राठी और थारपारकर नस्ल की गायें पशुपालकों के लिए बेहतर विकल्प साबित हो रही हैं और सही नस्ल का चयन करके किसान अपनी आमदनी में अच्छी बढ़ोतरी कर सकते हैं।


Comment List