New City: दिल्ली-NCR में बसने जा रहा नया शहर, जमीनों के रेट होंगे हाई
New City: दिल्ली-NCR क्षेत्र के सुनियोजित विकास की दिशा में सरकार एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। इसी कड़ी में नए शहर (नया नोएडा) को विकसित करने की योजना पर काम तेज हो गया है। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण की फाइनल मंजूरी अगले एक से डेढ़ महीने में मिलने की उम्मीद है। सरकार और अथॉरिटी ने जमीन अधिग्रहण के लिए हाइब्रिड मॉडल अपनाने का फैसला किया है, जिसमें किसानों की सहमति और प्रशासनिक प्रक्रिया—दोनों विकल्प खुले रहेंगे।
किसानों के हितों को प्राथमिकता
80 गांवों की जमीन पर बनेगा नया शहर
प्रस्तावित शहर दादरी और बुलंदशहर क्षेत्र के करीब 80 गांवों की जमीन पर विकसित किया जाएगा। कागजी तौर पर इस प्रोजेक्ट का नाम DNGIR (Dadri-Noida-Ghaziabad Investment Region) रखा गया है। माना जा रहा है कि इस परियोजना से इन गांवों की जमीन की कीमतों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।
जनवरी में तय होंगी मुआवजे की दरें
अधिकारियों के मुताबिक, जनवरी में मुआवजे की दरों को लेकर अहम बैठक होने जा रही है। अथॉरिटी ने इससे जुड़ा प्रस्ताव पहले ही तैयार कर लिया है। जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया और मॉडल को लेकर सरकारी स्तर पर चर्चा हो चुकी है, जिसमें हाइब्रिड मॉडल पर सहमति बनती नजर आ रही है।
इन इलाकों से शुरू होगा अधिग्रहण
शुरुआती चरण में जोखाबाद और सांवलि क्षेत्र, खासकर ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और जीटी रोड के जंक्शन के आसपास जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू करने की योजना है। अधिकारियों को उम्मीद है कि सरकारी मंजूरी मिलते ही प्रक्रिया को औपचारिक रूप से आगे बढ़ा दिया जाएगा।
21,000 हेक्टेयर में होगा विकास, चार फेज में काम
अथॉरिटी के अनुसार, नया नोएडा करीब 21,000 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। पहला फेज (2027 तक) 3,165 हेक्टेयर, दूसरा फेज (2027–2032) 3,798 हेक्टेयर, तीसरा फेज (2032–2037): 5,908 हेक्टेयर, चौथा फेज (2037–2041) 8,230 हेक्टेयर का होगा।
एजुकेशन सिटी के रूप में होगी पहचान
नया नोएडा को एजुकेशन सिटी के तौर पर विकसित करने की योजना है। यहां यूनिवर्सिटी, कॉलेज और रिसर्च इंस्टीट्यूट स्थापित किए जाएंगे, जिससे यह क्षेत्र शिक्षा के बड़े केंद्र के रूप में उभरेगा।
इंडस्ट्रियल और रेजिडेंशियल हब बनेगा नया नोएडा
यह प्रोजेक्ट इंडस्ट्री, रियल एस्टेट, शिक्षा और हेल्थकेयर सेक्टर के लिए गेम-चेंजर माना जा रहा है। दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से जुड़ाव के चलते यहां बेहतर कनेक्टिविटी, आर्थिक विकास और लाखों रोजगार के अवसर पैदा होंगे। 21,000 हेक्टेयर में विकसित होने वाला यह नया शहर आने वाले वर्षों में दिल्ली-NCR की विकास तस्वीर को पूरी तरह बदल सकता है।


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