रुकनापुर गांव में ग्राम समाज और मंदिर के पेड़ काटने का मामला

ग्राम समाज की जमीन पर पेड़ काटने पर कानूनी कार्रवाई की जाती है।

रुकनापुर गांव में ग्राम समाज और मंदिर के पेड़ काटने का मामला

लखीमपुर खीरी
 
ग्राम समाज की जमीन पर पेड़ काटने पर कानूनी कार्रवाई की जाती है। उत्तर प्रदेश वृक्ष संरक्षण अधिनियम के तहत, शहरों और नोटिफाइड क्षेत्रों में पेड़ काटने से पहले स्थानीय प्राधिकरण से अनुमति लेनी होती है। नियम नहीं मानने पर 3 महीने से लेकर 1 साल या उससे अधिक की जेल और जुर्माना होता है वहीं जिला लखीमपुर खीरी थाना फरधान रुकनापुर ग्राम पंचायत में ग्राम समाज और मंदिर के पेड़ काटने का मामला प्रकाश में आया है
 
जहां मंदिर के पेड़ काटे गए थे जिससे गांव वालों ने शिकायत की थी तो लेखपाल ने लकड़ी सुपुर्दगी नामा लिखकर अनंत राम और कुछ गांव वालों के लकड़ी सुपुर्द कर दिया था पर कुछ दिन बादबिना लेखपाल के सूचना दिए लकड़ी बेच दी गई जब गांव वालों ने इसकी जानकारी लेखपाल से ली तो उन्होंने बताया कि इसकी जानकारी हमें नहीं है गांव वालों का आरोप है किया सब लेखपाल की मिली भगत से हो रहा है
 
जब इसकी जानकारी लेखपाल से ली गई तो उन्होंने बताया की कुछ पेड़ मंदिर के काटे गए थे जो की सुपुर्दगी  नाम लिखकर गांव वालों के सपोर्ट कर दी गई थी और जो ग्राम समाज की जमीन पेड़ काटे गए हैं उसका प्रार्थना पत्र थाना फरधान में दिया जा चुका है लेकिन गांव वालों का आरोप है प्रशासन की मिली भगत से  ग्राम समाज के पेड़ काटे जा रहे हैं और हरियाली को नष्ट किया जा रहा है

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