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कुदरहा में सप्लाई इंस्पेक्टर बने ‘ढाल’, कोटदार बेखौफ हड़प रहे गरीबों का अनाज
बस्ती। बस्ती जिले केकुदरहा विकास खण्ड में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि विकास खण्ड में तैनात एकमात्र सप्लाई इंस्पेक्टर अनुराग श्रीवास्तव की “नरमी” और “संरक्षण” के कारण कई कोटदार खुलेआम घटतौली कर रहे हैं। ग्रामीणों का दावा है कि कोटेदार गरीबों के हक का अनाज अपना समझकर हड़प रहे हैं, और विभागीय अधिकारी शिकायतों पर कार्रवाई करने के बजाय चुप्पी साधे बैठे हुए हैं।
ग्रामीणों से मिली जानकारी के मुताबिक, कुदरहा क्षेत्र के कई दुकानों पर लाभार्थियों की राशन पर्चियों में दर्ज मात्रा और वास्तविक वितरण में भारी अंतर देखने को मिल रहा है।
आरोप है कि ज्यादातर कोटदार प्रतिमाह कई किलो गेहूं, चावल और चीनी कम तौलकर दे रहे हैं, और विरोध करने पर अभद्रता, धमकी या “ऊपर से निर्देश” का हवाला देकर बात को टाल देते हैं। पीड़ितों का कहना है कि शिकायत दर्ज कराने पर भी कार्रवाई आगे नहीं बढ़ती, क्योंकि सप्लाई इंस्पेक्टर स्वयं इन कोटदारों की “ढाल” बने हुए हैं।स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि सप्लाई इंस्पेक्टर अनुराग श्रीवास्तव महीनों से क्षेत्र में एक भी निष्पक्ष निरीक्षण नहीं कर रहे हैं। गांवों में तैनात कोटदार चाहे जैसे चाहें तौल करें, वितरण करें या अनाज गायब कर दें—इस पर रोक लगाने वाला कोई नहीं। ग्रामीणों का कहना है कि निरीक्षण के नाम पर महज औपचारिकता निभाई जाती है, जबकि कोटदारों को पहले ही जानकारी दे दी जाती है कि कब जांच होनी है। इससे जांच महज कागजी खानापूर्ति बनकर रह जाती है।
कई लाभार्थियों ने बताया कि जब वे घटतौली को लेकर सप्लाई इंस्पेक्टर के पास शिकायत लेकर गए, तो उल्टा उन्हें ही गलत साबित करने की कोशिश की गई। किसी को “प्रक्रिया समझ में नहीं आती” कहकर टाल दिया गया, तो किसी से कहा गया कि “आपकी शिकायत जांच में नहीं मिली।” ग्रामीणों का कहना है कि यह सब तभी संभव है जब अधिकारी और कोटदारों के बीच सांठ-गांठ हो।
कुदरहा के कई गांवों के निवासियों ने कहा कि गरीबों के पेट पर डाका डालने वालों के खिलाफ न तो कार्रवाई हो रही है और न ही विभाग इस पूरे खेल को रोकने के लिए कोई ठोस कदम उठा रहा है। कोटदार मनमर्जी से अनाज कम करते हैं और सप्लाई इंस्पेक्टर की चुप्पी पूरे सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि अगर उच्च अधिकारी हस्तक्षेप नहीं करेंगे, तो कुदरहा ब्लॉक में राशन व्यवस्था पूरी तरह भ्रष्टाचार का शिकार हो जाएगी। क्षेत्रीय लोगों की मांग है कि सप्लाई इंस्पेक्टर की कार्यशैली की निष्पक्ष जांच हो, सभी कोटेदारों के गोदामों का सघन निरीक्षण कराया जाए और गरीबों के हक की लूट पर तत्काल रोक लगे।


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