ओबरा में इंस्टाकार्ट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड पर ₹600 के घोटाले का आरोप, ₹18 लाख मासिक धांधली की आशंका

इंस्टाकार्ट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड पर लोगों ने लगाया ठगी का आरोप

राजेश तिवारी Picture
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जिला प्रशासन से तत्काल उच्च स्तरीय जाँच कराने की मांग - आनंद पटेल दयालु

अजित सिंह ( ब्यूरो रिपोर्ट) 

ओबरा/ सोनभद्र-

ओबरा-चोपन रोड स्थित इंस्टाकार्ट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, कृष्ण नगर, ओबरा, सोनभद्र पर एक कथित ₹600 की ठगी को लेकर स्थानीय जनता में हड़कंप मच गया है। इस घोटाले को सार्वजनिक रूप से उजागर किया है आनंद पटेल दयालु, प्रदेश उपाध्यक्ष - युवा मंच, अपना दल (एस) एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष - राष्ट्रीय नव निर्माण सेना ट्रस्ट ने।हालांकि ₹600 की राशि व्यक्तिगत रूप से कम प्रतीत होती है, परंतु यदि प्रतिदिन ऐसे 100 मामले सामने आते हैं, तो यह ₹60,000 प्रतिदिन और महीने में ₹18 लाख की भारी धांधली बन सकती है।

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यह अनुमान इस बात को दर्शाता है कि यह एक सुनियोजित और संगठित आर्थिक अपराध हो सकता है।घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, एक व्यक्ति से ₹600 की वसूली किसी उत्पाद, सेवा या निवेश योजना के नाम पर की गई, जिसका वैध आधार स्पष्ट नहीं है। इससे यह संकेत मिलते हैं कि यह धोखाधड़ी एक बड़े नेटवर्क द्वारा संचालित की जा सकती है।आनंद पटेल दयालु ने इस मामले को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए जिला प्रशासन से तत्काल उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

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उन्होंने कहा, “यह सिर्फ ₹600 का मामला नहीं है, यह सार्वजनिक विश्वास, नागरिक सुरक्षा और आर्थिक पारदर्शिता का मामला है। यदि यह सिलसिला चलता रहा, तो इसका असर पूरे जिले की प्रतिष्ठा और जनता की आस्था पर पड़ सकता है।”मामले की गंभीरता तब और बढ़ जाती है जब यह पाया गया कि इंस्टाकार्ट सर्विसेज प्रा. लि. के स्थानीय कार्यालय से जुड़े लोग इस मामले में पल्ला झाड़ते नजर आ रहे हैं। कार्यालय द्वारा इस पूरे प्रकरण से स्वयं को अलग कर लेने से शक और भी गहरा हो गया है।

स्थानीय नागरिकों ने भी इस मामले में प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि ऐसे संस्थानों पर कठोर निगरानी और नियम लागू किए जाने चाहिए, ताकि आम जनता का शोषण न हो सके।अब यह देखना बाकी है कि स्थानीय पुलिस व प्रशासन इस मामले में कितनी गंभीरता से कदम उठाते हैं और क्या दोषियों को कानूनी शिकंजे में लाया जा सकेगा।

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