फर्जी मास्टर रोल एवं फर्जी फोटो अपलोड कर मनरेगा योजना को लग रही चपत

ग्राम पंचायत चोरहा में जीरो टारलेंस की उड़ाई जा रही धज्जियां जिम्मेदार बने अनजान

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लखीमपुर खीरी- विकासखंड लखीमपुर की ग्राम पंचायत चोरहा में जिम्मेदार अधिकारी पंचायत सचिव एवं रोजगार सेवक की मिली भगत एवं खाऊ कुमाऊ नीति के चलते मनरेगा योजना मे फर्जीवाड़ा एवं भ्रष्टाचार का खेल जमकर खेला जा रहा है उक्त लोगों के बीच चल रही मिली भगत से मनरेगा के तहत मजदूरों के खाते में हजारों रुपए ट्रांसफर कराकर और फिर खाते में पैसा निकलवा कर बंदर बांट करके अपनी तिजोरिया भरी जा रही है विभागीय सूत्रों के अनुसार जनपद के अधिकांश ग्राम पंचायत में सारा कार्य ठेके पर कराया जा रहा है। 
 
इसकी जानकारी समस्त खंड विकास अधिकारियों से लेकर उपायुक्त मनरेगा तक को होने के बावजूद सभी मौन धारण किए हुए हैं ब्लॉक स्तर पर चल रहे 30 से 40% कमीशन  ने सभी की जुबान पर गांधी छाप ताला लगा रखा है सूत्रों की माने तो अधिकांश रोजगार सेवक आज अपनी ग्राम पंचायत का काम देखने की बजाय पूरे ब्लॉक में एक बड़े स्तर पर मनरेगा का काम ठेके पर करते देखे जा सकते हैं यही कारण है मनरेगा के फर्जीवाड़ा और मानक विपरीत घटिया किस्म निर्माण कराये जाने की प्रथा पर रोक नहीं लग पा रही है। 
 
ताजा मामला ग्राम पंचायत चोरहा का है जहां पर फर्जी हाजिरी भरकर अपने चहेते ऐसे लोगों के नाम पैसा निकाला जा रहा है जो कभी काम करने गए ही नहीं आलम तो यह है कि प्रधान रोजगार के द्वारा अपने निजी व व्यक्तिगत लोगों को कभी मेट तो कभी पानी पिलाने वाला और मिस्त्री दिखाकर हजारों रुपए उनके खाते से ट्रांसफर करके कमाई की जा रही है ग्राम पंचायत चोरहा में मजदूरी करने वाले मनरेगा मजदूरों को दिए गए भुगतान पर एक नजर डालें तो लगभग 50-प्रतिशत लोग ऐसे हैं।
 
जो कभी घर से बाहर नहीं गए और उनके नाम 100 दिन या उससे कम कुछ दिन 46 दिन का भुगतान निकल गया है वहीं कुछ लोग ऐसे भी दिखे कार्यस्थल पर जो घूमने टहलने गए और जब उसे जानकारी लेना का प्रयास किया गया तो उन्होंने तपाक से बताया कि  मेट हूं काम करवा रहा हूं अब सवाल यह उठता है एक ग्राम पंचायत में कितने मेट हो सकते हैं नियमता तो एक ही मेट होता है सबसे मजेदार बात तो यह है जो लोग घर से बाहर कभी नहीं निकलते वह मनरेगा की मलाई उड़ा रहे हैं। 
 
आदमी की आड में बैंक से घर बैठे पैसा निकाल रहे हैं ग्राम पंचायत चोरहा में महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना में भ्रष्टाचार का तड़का लग चुका है पूरा मामला ग्राम पंचायत चोरहा का है जहां के कुछ खास ग्रामीणों के खाते में बिना काम किया मनरेगा का पैसा ग्राम पंचायत सचिव रोजगार सेवक व प्रधान  की मिली भगत से अपने चहेते लोगों के खातों में पैसा ट्रांसफर करके उसे निकलवा कर आपस में बंदरबाट किए जाने का मामला चर्चा का विषय बना है। 
 
यह खेल पिछले कई सालों से जिम्मेदार लोगों के संरक्षण में चलाया जा रहा है अब देखना यह होगा कि प्रकाशित खबर का संज्ञान ग्रहण करते हुए इन फर्जीवाड़ा के मास्टरमाइंडों के विरुद्ध कोई कार्रवाई होगी या फिर फिक्स कमीशन के फेर में मामले को यूं ही दबा दिया जाएगा शेष अगले अंक में फर्जी खातों में पैसा भेजे जाने का साक्ष्यो सहित प्रकाशित की जायेगी पड़ताल निरंतर जारी है।

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