शहीदों के सम्मान में पदयात्रा: चोपन रोड से लेकर नेताजी सुभाष चंद्र बोस चौक तक गूंजे देशभक्ति के नारे

शहीदों के सम्मान में पदयात्रा

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अजीत सिंह/ वीरेंद्र कुमार ( ब्यूरो रिपोर्ट) 

ओबरा /सोनभद्र- राष्ट्रीय नवनिर्माण सेना ट्रस्ट के तत्वाधान में राष्ट्रीय अध्यक्ष आनंद पटेल 'दयालु' की अध्यक्षता में शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु जी का शहादत दिवस बड़े ही जोश और श्रद्धा के साथ मनाया गया।

लोगों को शहादत दिवस की याद दिलाने और शहीदों के सम्मान में चोपन रोड से लेकर नेताजी सुभाष चंद्र बोस चौक तक भव्य पदयात्रा निकाली गई। रैली में सैकड़ों लोगों ने भाग लिया, हाथों में भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु की तस्वीरें लेकर "इंकलाब जिंदाबाद", "शहीदों को भारत रत्न दो" जैसे गगनभेदी नारे लगाए।अध्यक्षता कर रहे राष्ट्रीय अध्यक्ष आनंद पटेल 'दयालु' का जोशीला बयान-

"यह दुर्भाग्य है कि आज भी भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु जैसे महान क्रांतिकारियों को शहीदों का दर्जा नहीं मिला है। हम मांग करते हैं कि हर हाल में इन महान वीरों को शहीद का दर्जा दिया जाए और इन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया जाए। इसके साथ ही उनकी किताबों और विचारों को अनिवार्य रूप से हर स्कूल-कॉलेज के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ी देशभक्ति से ओतप्रोत होकर देश के लिए काम कर सके।"

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मुख्य अतिथि- सत्येंद्र सिंह, राष्ट्रीय संरक्षक, राष्ट्रीय योग गुरु झल्लन शर्मा राष्ट्रीय योग संरक्षक धनराज सिंह , सत्येंद्र सिंह ने कहा कि"यह सिर्फ एक रैली नहीं, बल्कि देश के युवाओं को जागरूक करने का आंदोलन है। जब तक भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु को भारत रत्न नहीं मिलेगा, तब तक हमारी लड़ाई जारी रहेगी। इन क्रांतिकारियों की कुर्बानी को पाठ्यक्रम में जोड़कर हर बच्चे तक पहुंचाना जरूरी है, ताकि वे जानें कि असली नायक कौन हैं।

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मुख्य अतिथि राष्ट्रीय योग गुरु झल्लन शर्मा ने कहा कि भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु न सिर्फ भारत के लिए, बल्कि पूरे विश्व के लिए क्रांति और निडरता का प्रतीक हैं। जैसे शरीर को स्वस्थ रखने के लिए योग जरूरी है, वैसे ही देश को मजबूत और एकजुट रखने के लिए भगत सिंह के विचारों को अपनाना जरूरी है। उनका बलिदान भारत रत्न से सम्मानित होना ही चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ी उनसे प्रेरणा लेकर देश सेवा के लिए आगे बढ़े।

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राष्ट्रीय योग संरक्षक धनराज सिंह ने कहा कि इन वीरों का बलिदान हर भारतवासी के लिए प्रेरणा है। हमें उनके विचारों को आगे बढ़ाना होगा और उनके बलिदान को राष्ट्र का सर्वोच्च सम्मान दिलाकर अमर बनाना होगा।विशिष्ट अतिथि के रूप में जनाब महताब आलम, राष्ट्रीय महासचिव, जावेश जासुआ वानी, राष्ट्रीय सचिव राजन शर्मा, प्रदेश वरिष्ठ योग शिक्षक

उपस्थित गणमान्य अतिथि:श्रीमती सोनी प्रदेश अध्यक्ष महिला सेना, रविंद्र यादव, प्रदेश अध्यक्ष छात्र सेना, विकास कुमार गौड़, प्रदेश सचिव, दिनेश केसरी, जिला संगठन मंत्री, चंद्रशेखर श्रीमाली, महेंद्र हस्ती, नृत्य महागुरु, जनाब आरिफ खान, सोनू, विजय शंकर, जनाब शरीफ खान संचालन-संतोष कनौजिया, सभा के अंत में सभी ने संकल्प लिया कि शहीदों के बलिदान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए यह आंदोलन हर गली, हर गांव, हर शहर तक ले जाया जाएगा, जब तक "भारत रत्न" का गौरव इन वीरों को नहीं मिल जाता और उन्हें शहीद का दर्जा नहीं दिया जाता।

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