माघ मेला को सकुशल  संपन्न कराने के लिए मंडल आयुक्त की अध्यक्षता में बैठक

उपयोगिता का आकंलन करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए

माघ मेला को सकुशल  संपन्न कराने के लिए मंडल आयुक्त की अध्यक्षता में बैठक

स्वतंत्र प्रभात 
 
 
 
प्रयागराज। माघ मेला को सकुशल एवं निर्विघ्न ढंग से संपन्न कराने के दृष्टिगत मंडल आयुक्त  विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में मेला प्राधिकरण कार्यालय स्थित आई ट्रिपल सी सभागार में माघ मेला सलाहकार समिति की बैठक संपन्न हुई जिसमें मेले की व्यवस्थाओं के संबंध में आवश्यक सुझाव दिए गए। 
 
 
सर्वप्रथम गंगा नदी में कटान के कारण बसावट के क्षेत्र में कमी आने की बात पर चर्चा की गई जिसके संबंध में सलाहकार समिति के सदस्यों ने आवश्यकता पड़ने पर संस्थानों की जमीनों को बराबर अनुपात में कम करने तथा विस्थापन कराने की आवश्यकता पड़ने पर संस्थाओं का क्रम से विस्थापन करने का सुझाव दिया। 
 
 
 जिन संस्थाओं एवं व्यक्तियों द्वारा राजकीय सामानों की वापसी नहीं की गई है उनकी सूची तैयार कर उनके खिलाफ कार्यवाही करने के भी निर्देश दिए गए।
 
 
साथ ही मेला क्षेत्र के अंदर सिर्फ धार्मिक विज्ञापनों को लगाने तथा किसी भी तरह की निषिद्ध गतिविधियों, क्रियाकलापों एवं निषिद्ध वस्तुओं जैसे मांस, मदिरा इत्यादि का सेवन वर्जित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
 
 
बैठक में मेला क्षेत्र में साफ-सफाई, चिकित्सा व्यवस्था एवं हर सेक्टर में पर्याप्त मात्रा में शौचालयो की व्यवस्था पर भी विस्तार से चर्चा की गई जिस पर कई साधु महात्माओं द्वारा कनात शौचालयों की क्वालिटी मानक के अनुरूप ना होने की बात कही गई जिस पर मंडलायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को
 
 
शौचालयों की क्वालिटी अच्छी रहे यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। स्नान घाटों पर भी उचित दूरी पर ही शौचालय बनाने के सुझाव दिए गए
 
 
जिससे कि घाटों को गंदा होने से रोका जा सके। बैठक में कुछ महात्माओं द्वारा हरिश्चद्र मार्ग पर एक अतिरिक्त पांटून पुल बनाने का भी प्रस्ताव दिया गया जिस पर मंडलायुक्त ने उसकी 
 
 
 सेक्टर के बाहर रोडवेज एवं रेलवे के टाइम टेबल लगाने का भी सुझाव दिया गया जिससे कि लोगों को बसो एवं ट्रेन यात्रा में सुविधा हो सके।
 
 
इस वर्ष मेला क्षेत्र में 13 थाने एवं 38 चौकियों की व्यवस्था की गई है तथा ट्रैफिक, पार्किंग एवं आपातकालीन स्थिति हेतु हर वर्ष की तरह इस बार भी विभिन्न प्लान बनाए गए हैं।
 
 
बैठक में नदियों की पानी की स्वच्छता एवं मेला क्षेत्र के अंतर्गत गंगा -यमुना नदी में सीधे मिलने वाले नालों के पानी का शोधन के पश्चात ही नदियों में
 
 
 
जाना सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। बैठक में सभी महात्माओं ,आध्यात्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों समेत मेला अधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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