जीवन रक्षक लाखों की किमत की दवाएं मरीजों को न देकर आग में जलाकर किया राख ​​​​​​​

जीवन रक्षक लाखों की किमत की दवाएं मरीजों को न देकर आग में जलाकर किया राख ​​​​​​​

स्वास्थ्य व्यवस्थाएं बद से बदतर एक्सरे व सीबीनाट जांच तक अस्पताल में बंद


स्वतंत्र प्रभात 

लालगंज रायबरेली। 

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लालगंज में मंगलवार को जनरक्षक दवाएं जलाई गई।किसी ने मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों समेत मीडियाकमिर्यों को दी और व मौके पर पहुंचे तो लाखों की दवाएं धूं धूं कर जलती मिली। एसडीएम ने भारी मात्रा मे दवाओं को जलने से बचाते हुए मामले की जानकारी जिलाधिकारी को दी है। उल्लेखनीय है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लालगंज में लम्बे समय से भ्रष्टाचार व्याप्त है जिसकी एक नजीर आज दवाओं केा जलाने के रूप में देखने मिली।मरीजों को बांटने के लिए आने वाली लाखों रूपये कीमत की दवाएं अस्पताल के पिछले हिस्से मे बने गड्ढ़े में डालकर जला दी गई।

 तभी किसी ने इसकी सूचना मीडियाकमिर्यों को दे दी। मीडियाकमिर्यों के साथ मौके पर पहुंचे किसान नेता रमेश सिंह ने दवाएं जलती देख उसका वीडियो उच्चाधिकारियों को भेजते हुए एसडीएम एडीएम व सीएमओ को फोन कर सूचना दी। कुछ देर में ही सभी अधिकारी मौके पर पहुंच गए। एसडीएम विजय कुमार नेआग को बुझवाते हुए दवाएं निकलवाई और बोरो मे भरवाकर सुरक्षित किया। उनके साथ नायब तहसीलदार चंद्रप्रकाश पांडेय भी मौजूद रहे।

 इसके बाद पहुंचे सीएमओ ने भी मौके का निरीक्षण करते हुए वहां पड़ी दवाएं उठवाकर देखी तो उनमें नवंबर 2021 से लेकर जनवरी 2022 में एक्सपायरी होने वाली दवाएं पड़ी मिली। एसडीएम के पूंछने पर पहले तो सीएचसी अधीक्षक डॉक्टर राजीव गौतम ने एक्सपायरी दवाओं को जलाए जाने की बात कही लेकिन जब एसडीएम ने उन्हे दवाओ पर पड़ी एक्सपायरी डेट दिखाई तो उनका कहना था कि दवाएं कैसे जलाई जा रही हैं उन्हें जानकारी ही नही है।अस्पताल में चर्चा है कि जब से डा राजीव गौतम ने अधीक्षक के रूप में चार्ज लिया है। स्वास्थ्य व्यवस्थाएं बद से बदतर हो गई हैं। 

एक्सरे व सीबीनाट जांच तक अस्पताल में बंद है। 

अस्पताल के अंदर का मार्ग गड्ढो में तब्दील हो चुका

 लेकिन उसे ठीक नही कराया जा रहा हैं।आउट सोसिरंग के नाम पर तैनात कमर्चारियों का उत्पीड़न जारी है। जिसका नतीजा है  कि वह काम छोड़कर घर बैठ चुके हैं। मेवालाल व शकीला आउट सोसिर्ंग के तहत यहा सफाई कमर्चारी के रूप में तैनात थे।लेकिन उन्हें मानदेय के नाम पर कभी दो हजार से अधिक रूपये नही दिए गए। भाजपा किसान नेता रमेश सिंह ने भी सीएचसी अधीक्षक पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें निलम्बित न किए जाने पर धरना प्रदशर्न करने की चेतावनी दी है।वही उपजिलाधिकारी विजय कुमार का कहना है कि वह जीवन रक्षक दवाओं को जलाया जाना गंभीर मामला है। वह मामले की रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजेंगे। वहीं सीएमओ का कहना है। कि इसके लिए जो भी दोषी होगा उसे बख्शा नही जाएगा।

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