कृति आरके जैन

बातें बची हैं, पर बातचीत क्यों खत्म हो रही है?

कृति आरके जैन आज हमारे पास शब्दों की कोई कमी नहीं है, कमी है उस सच्चाई, उस गहराई और उस आत्मीय स्पर्श की, जो शब्दों को साधारण ‘बात’ से उठाकर सच्ची  बातचीत  में बदल देता है। हम...
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