सनातन संस्कृति

श्रीराम कथा में राम की बाल लीलाओं का वर्णन

सिद्धार्थनगर। बिस्कोहर कस्बे से सटे जनपद बलरामपुर सीमा पर स्थित मधुपुर पकड़ी गांव में चल रहे नौ दिवसीय श्री राम कथा के छठवें दिन रविवार की रात श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा।यज्ञाचार्य दुर्गेश कुमार शास्त्री अयोध्या से आए हुए जगत...
ख़बरें  सांस्कृतिक और धार्मिक 

परंपरा और आधुनिकता के बीच त्रिशंकु बना समाज

वर्तमान समय का मनुष्य एक विचित्र द्वंद्व में जी रहा है। आधुनिकता की अंधी दौड़ में वह इतनी तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है कि उसकी अपनी सनातनी परंपराएँ धीरे-धीरे धुंधलाने लगी हैं। परिणामस्वरूप वह न पूर्णतः आधुनिक बन...
स्वतंत्र विचार  संपादकीय 

राम मय हो जीवन हमारा

प्रो.(डा.) मनमोहन प्रकाश     सनातन संस्कृति में श्रीराम केवल एक ऐतिहासिक पात्र या धार्मिक प्रतीक मात्र नहीं हैं, बल्कि वे प्रत्येक भारतीय के लिए मर्यादा, आदर्श और मानवीय मूल्यों के शाश्वत स्रोत हैं। जब हम "राममय जीवन" की परिकल्पना करते हैं,...
स्वतंत्र विचार  संपादकीय 

विष्णु महायज्ञ हेतु भूमि पूजन से लोगों में दिखी उल्लास की झलक

पाकुड़िया, पाकुड़, झारखंड:- यज्ञ सनातन संस्कृति की अमूल्य निधि है। यज्ञ पूर्णत: वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित होते हुए इसके व्यापक अर्थ में संगतिकरण का भाव निहित है। यज्ञ केवल धार्मिक कर्मकांड ही नहीं है अपितु लोक रंजन का सशक्त सेतु...
राज्य  बिहार/झारखंड