मोबाइल की चमक दीवारों तक पहुंचती है

मोबाइल, नेटवर्क और सपने: लेकिन महिलाएं अब भी बाहर क्यों?

कृति आरके जैन हर सुबह घर में रोशनी से पहले जिम्मेदारियां जाग जाती हैं, और उसी के साथ एक महिला भी। मोबाइल की चमक दीवारों तक पहुंचती है, लेकिन उसकी हथेली तक नहीं। वह चूल्हे की आग में...
संपादकीय  स्वतंत्र विचार