डिजिटल बराबरी का अधूरा सपना और भारतीय महिलाएं
<% catList.forEach(function(cat){ %> <%= cat.label %> <% }); %>
<%- node_title %>
Published On
By <%= createdBy.user_fullname %>
<%- node_title %>
Published On
By <%= createdBy.user_fullname %>
<% if(node_description!==false) { %> <%= node_description %>
<% } %> <% catList.forEach(function(cat){ %> <%= cat.label %> <% }); %>
मोबाइल, नेटवर्क और सपने: लेकिन महिलाएं अब भी बाहर क्यों?
Published On
By Swatantra Prabhat UP
कृति आरके जैन हर सुबह घर में रोशनी से पहले जिम्मेदारियां जाग जाती हैं, और उसी के साथ एक महिला भी। मोबाइल की चमक दीवारों तक पहुंचती है, लेकिन उसकी हथेली तक नहीं। वह चूल्हे की आग में...
