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संपादकीय  स्वतंत्र विचार 

काश, नरेश गोयल रास्ते से न भटके होते

काश, नरेश गोयल रास्ते से न भटके होते   आर.के. सिन्हा  एक समय के विमानन की दुनिया में एयर इंडिया के बाद दूसरा स्थान रखने वाले जेट एयरवेज के फाउंडर चेयरमेन रहे नरेश गोयल की हाल ही में कुछ अखबारों में छपी एक फोटो में उनकी बेहद खराब सेहत...
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संपादकीय  स्वतंत्र विचार 

आगामी कुछ माह में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी की संभावनाl प्रकृति के बेरहम दोहन का परिणामl

आगामी कुछ माह में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी की संभावनाl प्रकृति के बेरहम दोहन का परिणामl          आने वाले महीनों में मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार ताबड़तोड़ गर्मी होने वाली है उनके अनुसार यह प्राकृतिक संसाधनों का बेरहमी तथा अप्राकृतिक दोहन के फल स्वरुप होने वाला हैl जब हम अपने विकास का इतिहास देखते हैं तो ब्रिटिश सत्ता...
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संपादकीय  स्वतंत्र विचार 

  खाली हाथ बजट .....  स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक क्षेत्रों में व्यापक सुधार की जरूरत।

  खाली हाथ बजट .....  स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक क्षेत्रों में व्यापक सुधार की जरूरत। 2024 का अंतरिम बजट प्रशासनिक रवायत है क्योंकि पूर्ण बजट तो जुलाई में आएगा‚ जिस पर नई सरकार का रिपोर्ट कार्ड़ स्पष्ट नजर आएगा। व्यवसायों को फलने-फूलने के लिए एक सक्षम वातावरण बनाने, पर्यावरण से संबंधित मुद्दों पर ध्यान केंद्रित...
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संपादकीय  स्वतंत्र विचार 

राम आ गए ,अब राहुल की खबर लीजिये

राम आ गए ,अब राहुल की खबर लीजिये   देश में राम भी आ गए और राम राज भी ।  देश में मीडिया को अब राहुल गांधी समेत देश -दुनिया में हो रही दूसरी घटनाओं की खबर भी लेना-देना चाहिए। राहुल अयोध्या से कोसों  दूर हैं ,लेकिन मगरूर नहीं...
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संपादकीय  स्वतंत्र विचार 

कांग्रेस के शीर्ष नेताओं  और कांग्रेस के राज्य इकाइयों के  बीच क्यों है राम मंदिर को लेकर विरोधाभास

कांग्रेस के शीर्ष नेताओं  और कांग्रेस के राज्य इकाइयों के  बीच क्यों है राम मंदिर को लेकर विरोधाभास    अयोध्या में नए राम मंदिर में रामलला की मूर्ति का प्राण-प्रतिष्ठा समारोह चर्चा में है। 22 जनवरी को कार्यक्रम है और सामने देश में लोकसभा चुनाव हैं। लिहाजा, अभी से राजनीतिक दलों के बीच सियासत की पिच तैयार की...
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संपादकीय  स्वतंत्र विचार 

शीर्ष सफलता के लिए संकल्प, श्रम और कठोर परिश्रम आवश्यक।

शीर्ष सफलता के लिए संकल्प, श्रम और कठोर परिश्रम आवश्यक। जीवन में लक्ष्य की प्राप्ति और सफलता के लिए मनुष्य को निरंतर कर्म की प्रधानता रखकर संयम तथा मनोबल भी रखना होगा इसके अलावा मनुष्य अपनी इच्छाओं का दास ना होकर उस पर नियंत्रण रख स्वामी बनने का प्रयास करना...
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विचारधारा  स्वतंत्र विचार 

अयोध्या में राम मंदिर उद्घाटन समारोह का बहिष्कार करने वाले खुद का ही करेंगे नुकसान

अयोध्या में राम मंदिर उद्घाटन समारोह का बहिष्कार करने वाले खुद का ही करेंगे नुकसान हाल ही में एक टी वी चैनल ने सर्वे करवाया था कि ‘क्या सोनिया गाँधी ,खरसे ,और अधीर रंजन चौधरी का राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा में नहीं जाने का फैसला आत्मघाती  सिध्द होगा ? ‘ के उत्तर में जनता का...
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संपादकीय  स्वतंत्र विचार 

मंदिर-मंदिर खेल रहे हैं जग वाले

मंदिर-मंदिर खेल रहे हैं जग वाले   हमारे एक पुराने बजरंगी भाई हैं श्री जयभान सिंह पवैया। कहते हैं  कि  राम मंदिर की लड़ाई आजादी की लड़ाई से भी बड़ी लड़ाई है। जयभान को आजादी की लड़ाई का भान नहीं है लेकिन उनके पुरखों को शायद रामलला...
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संपादकीय  स्वतंत्र विचार 

युद्ध केवल उन्माद और लोलुपता का परिणाम। व्यापक जन-धन की हानी और पश्चाताप।

युद्ध केवल उन्माद और लोलुपता का परिणाम। व्यापक जन-धन की हानी और पश्चाताप।       युद्ध और हिंसा क्रोध से शुरू होकर पश्चाताप और दुखों के चिंतन में खत्म होता है। मौजूदा रूप से इसराइल हमास युद्ध में हजारों लोगों की जानें चली गई और 30 हजार से ज्यादा फिलिस्तीनी लोग बेघर हो गए, और...
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संपादकीय  स्वतंत्र विचार 

जवानों में बढ़ती कुंठा और पलायन गंभीर खतरे का संकेत!

जवानों में बढ़ती कुंठा और पलायन गंभीर खतरे का संकेत!    मनोज कुमार अग्रवाल देश के सुरक्षा बल के जवानों में भर्ती होने के बाद अवसाद व कुंठा क्यों पैदा हो रही है? क्या वजह है कि सुरक्षा बलों के लिए भर्ती होने के लिए कड़ी मेहनत व तैयारी कर तमाम...
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संपादकीय  स्वतंत्र विचार 

मनुवाद का वितण्डावाद

मनुवाद का वितण्डावाद            डॉ.दीपकुमार शुक्ल (स्वतन्त्र टिप्पणीकार) हाल ही में कांग्रेस के एक पूर्व सांसद ने ट्विटर पर बयान दिया था कि 500 साल बाद मनुवाद की वापसी हो रही है| इसे कांग्रेसी नेता की ओछी बयानबाजी तथा वितण्डावाद के अतिरिक्त और कुछ...
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संपादकीय  स्वतंत्र विचार 

नरेश गोयल के बहाने न्याय पर बात

नरेश गोयल के बहाने न्याय पर बात रोज लिखने वाले मेरे जैसे आम लेखक के लिए ये बहुत कठिन होता है कि  वो किस विषय पर लिखे और किसे त्याग दे। नियमित पाठकों की अपेक्षाएं अलग होतीं है ,क्योंकि वे खुद लिखने में समर्थ नहीं हैं या...
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