आत्मबोध

मनुष्य का पहला धर्म — स्वयं के प्रति ईमानदार होना

प्रो. आरके जैन “अरिजीत” दिन का कोलाहल सत्य को दबा सकता है, पर रात का सन्नाटा उसे जगा देता है। जब सारी आवाज़ें थम जाती हैं, तब मनुष्य अपनी ही अंतरात्मा के न्यायालय में खड़ा होता है,...
संपादकीय  स्वतंत्र विचार