नालों की सफाई न होने से किसानों की सैकड़ों बीघा धान की फसल डूब कर बर्बाद

नालों की सफाई न होने से किसानों की सैकड़ों बीघा धान की फसल डूब कर बर्बाद

अम्बेडकरनगर नालों की सफाई न होने से किसानों की सैकड़ों बीघा धान की फसल डूब कर बर्बाद हो गई। सिंचाई खंड की उदासीनता का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। खेत झील बन जाने से किसानों की पूंजी भी डूब गई।नालों की सफाई के लिए मई जून माह में सिंचाई खंड की तरफ से

अम्बेडकरनगर

नालों की सफाई न होने से किसानों की सैकड़ों बीघा धान की फसल डूब कर बर्बाद हो गई। सिंचाई खंड की उदासीनता का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। खेत झील बन जाने से किसानों की पूंजी भी डूब गई।नालों की सफाई के लिए मई जून माह में सिंचाई खंड की तरफ से कार्य किए जाते हैं लेकिन इस वर्ष ड्रेनों की सफाई नहीं हो सकी जिससे जिले के विभिन्न आंचलों में जलभराव के चलते किसानों की सैकड़ों बीधा धान की फसल डूब कर नष्ट हो गई। ऐसा नहीं कि विभाग के पास ड्रेनों की सफाई के लिए धन नहीं है। ड्रेनों की सफाई के लिए शासन स्तर से धन पहले ही अवमुक्त कर दिया गया था लेकिन सिंचाई खंड की उदासीनता से किसानों की पूंजी नष्ट हो गई।

किसान अपने खेतों में धान की रोपाई किए थे लेकिन भारी बरसात होने से नाले चोक हो गए। क्यों कि इन नालों की समय से पहले सफाई नहीं की गई। अकबरपुर तहसील क्षेत्र के न्योतरिया ड्रेन, अफजलपुर ड्रेन, मरुई ड्रेन, लालापुर ड्रेन,मुबारकपुर ड्रेन, ऊचेगांव व अन्य ड्रेनों की सफाई न होने से सैकड़ों बीघा रोपी गई धान की फसलें डूब कर नष्ट हो गई। मरुई ड्रेन की सफाई न होने से धान की फसलें डूबने के साथ यहां गांव में भी पानी घुस गया। विभाग की लापरवाही के चलते किसान धान की रोपाई करने में जो लागत लगाए थे वह सब जलभराव से नष्ट हो गई।

किसानों ने की क्षतिपूर्ति की मांगड्रेनों की सफाई न होने से प्रभावित किसानों ने सिंचाई खंड से क्षतिपूर्ति दिलाने की मांग की है। अकबरपुर विकास खंड के अफजलपुर ड्रेन से प्रभावित किसान राम अजोर, बलिकरन, रामधनी, हिमांचल, शिव मूरत, चन्द्रभूषण, जय नरायन, जय प्रकाश, जगदीश, रामधनी, लालता प्रसाद, सोमई प्रसाद व लल्लन प्रसाद ने कहा कि सिंचाई खंड यदि समय से ड्रेन की सफाई करा देता तो आज किसानों को यह दिन देखने को नहीं मिलता।

किसानों की सैकड़ों बीघा में रोपी गई धान की फसल डूब कर नष्ट हो गई।नाला सफाई टेंडर ही रद्द कर दिया गया किसान नेता अमरजीत वर्मा ने कहा कि सिंचाई खंड टांडा की तरफ से ड्रेनों की सफाई के लिए गत वर्ष जून माह में ही टेंडर हुआ था। इसमें भियांव ब्लाक से कई लोग टेंडर भी डाले थे लेकिन माननीयों ने अपने चहेतों को टेंडर दिलाने के लिए विभाग पर दबाव बनाया तो सिंचाई खंड अधिशासी अभियंता ने उस टेंडर को ही रद्द कर दिया। इसी उठापटक में बीते वर्ष भी ड्रेनों की सफाई का कार्य नहीं हो सका और बारिश होने से किसानों को भारी क्षति उठानी पड़ रही है।

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