आपूर्ति के दावों के बीच उर्मिला एंड संस गैस एजेंसी में अव्यवस्था, कालाबाजारी से बढ़ी जनता की परेशानी

आपूर्ति विभाग शिकंजा नहीं कस पा रहा है गैस एजेंसी पर उपभोक्ताओं को नहीं मिल रहा गैस सिलेंडर कलाबाजारियों पर कार्रवाई करने में नाकाम है जिला प्रशासन

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बस्ती। बस्ती जिले मेंप्रदेश सरकार द्वारा रसोई गैस की पर्याप्त उपलब्धता के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन कुदरहा क्षेत्र के एजरगढ़ स्थित उर्मिला एंड संस गैस एजेंसी पर जमीनी हकीकत इन दावों के बिल्कुल उलट दिखाई दे रही है। स्थानीय स्तर पर एजेंसी पर भारी अव्यवस्था, लंबी कतारें और कथित कालाबाजारी के कारण आम उपभोक्ताओं को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
 
जानकारी के अनुसार, गैस सिलेंडर लेने के लिए उपभोक्ताओं को सुबह करीब 4 बजे से ही लाइन में लगना पड़ रहा है। इसके बावजूद पर्ची कटवाने में घंटों लग जाते हैं और सिलेंडर की डिलीवरी 1 से 3 दिन बाद हो रही है। वहीं, उपभोक्ताओं का आरोप है कि बिचौलिए बिना लाइन लगे ही आसानी से सिलेंडर प्राप्त कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, यही बिचौलिए गैस सिलेंडर को ऊंचे दामों पर बेच रहे हैं।
 
बताया जा रहा है कि करीब ₹1000 का सिलेंडर ₹2000 से ₹2500 तक में बेचा जा रहा है, जिससे आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।इसके अलावा, गांवों में आपूर्ति के लिए निर्धारित गैस वितरण वाहन भी एजेंसी परिसर में ही खड़े रह जाते हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में समस्या और अधिक गंभीर हो जाती है।
 
स्थानीय लोगों का कहना है कि: एजेंसी के आसपास पूरे दिन बिचौलियों की सक्रियता बनी रहती हैवे बड़ी संख्या में सिलेंडर इकट्ठा कर बाद में महंगे दामों पर बेचते हैंऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है कि जब प्रशासन पर्याप्त आपूर्ति का दावा कर रहा है, तो जमीनी स्तर पर यह अव्यवस्था क्योंजनता की मांग स्थानीय लोगों ने शासन-प्रशासन से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप, जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है, ताकि कालाबाजारी पर रोक लग सके और आम उपभोक्ताओं को राहत मिल सके

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