राजनीति
छितौनी–तमकुही रेल लाइन: अधिग्रहित जमीन के भुगतान में उलझे किसान, कागजी प्रक्रिया बनी बड़ी परेशानी
आर्थिक शोषण बंद करे जिला प्रशासन
कुशीनगर। वर्षों के इंतजार के बाद छितौनी–तमकुही बहुप्रतीक्षित रेलवे लाइन पटरी पर उतर चुकी है, लेकिन अब अधिग्रहित जमीन के भुगतान को लेकर किसान गंभीर परेशानियों से जूझ रहे हैं। राजस्व विभाग द्वारा 29 जनवरी को किसानों को नोटिस जारी कर अधिग्रहण से संबंधित कागजात 15 फरवरी 2026 तक राजस्व कार्यालय में जमा करने की तिथि निर्धारित की गई है।
समस्या यह है कि अधिकांश किसान यह नहीं समझ पा रहे हैं कि आवश्यक कागजात कैसे और किसके द्वारा तैयार कराए जाएं। आज 10 फरवरी हो चुकी है और किसान भुगतान पाने की आस में तहसील कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर हैं। हालात ऐसे हैं कि कागजात बनवाने के नाम पर किसानों से अनावश्यक दौड़-भाग कराई जा रही है और बिना अतिरिक्त शुल्क दिए समय पर कागज मिल पाना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है।
किसानों का आरोप है कि यदि तय तिथि तक कागजात जमा नहीं हो पाए, तो इसकी जिम्मेदारी प्रशासन किसानों पर डालने की तैयारी में है। एक ओर किसानों की जमीन जा चुकी है, वहीं दूसरी ओर भुगतान की प्रक्रिया में देरी और कथित भ्रष्टाचार उनकी परेशानी को और बढ़ा रहा है।
किसानों ने जिलाधिकारी कुशीनगर का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराते हुए मांग की है कि किसानों के हित में विशेष कैंप लगाकर मौके पर ही सभी आवश्यक कागजात तैयार कराए जाएं और पारदर्शी तरीके से सीधे किसानों के खातों में भुगतान सुनिश्चित किया जाए, ताकि उन्हें अनावश्यक परेशानियों और शोषण से राहत मिल

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