प्रयागराज को बाढ़ से बड़ी राहत: घाघर नाले पर बनेगा मिनी डैम

33.12 करोड़ की मंज़ूरी

Swatantra Prabhat UP Picture
Published On

दया शंकर त्रिपाठी 
 
ब्यूरो प्रयागराज।  संगम नगरी के लोगों को बड़ी राहत देते हुए यूपी सरकार ने यमुना नदी किनारे के इलाकों में बार-बार आने वाली बाढ़ और जलभराव की समस्या से निपटने के लिए शहर के सबसे बड़े ड्रेनेज चैनल घाघर नाले पर मिनी डैम निर्माण को मंज़ूरी दे दी है। इस परियोजना के लिए 33.12 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी गई है और फरवरी के अंतिम सप्ताह तक निर्माण कार्य शुरू होगा। यमुना में बाढ़ आने पर घाघर नाला ओवरफ्लो हो जाता है, जिससे बारिश का पानी रिहायशी इलाकों में वापस चला जाता है।
 
पिछले साल लंबी बाढ़ के कारण नाले में कई दिनों तक पानी भरा रहा और आसपास के घरों में पानी घुस गया, जिससे बड़ी आबादी प्रभावित हुई। बाढ़ के बाद जिला प्रशासन ने राज्य सरकार को डिटेल्ड असेसमेंट रिपोर्ट सौंपी थी, जिसके आधार पर सरकार ने यह बड़ा प्लान शुरू किया। परियोजना का टेक्निकल फ्रेमवर्क मोतीलाल नेहरू नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MNNIT) ने तैयार किया था और कार्यान्वयन की जिम्मेदारी जल निगम की कंस्ट्रक्शन एंड डिज़ाइन सर्विसेज़ (CDS) को सौंपी गई है। 
 
मंज़ूर योजना के तहत घाघर ड्रेन पर तीन गेट वाला मिनी डैम बनेगा, बाढ़ के समय गेट बंद कर दिए जाएंगे और ड्रेन में जमा पानी को करेली स्थित नए पंपिंग स्टेशन से निकाला जाएगा। साथ ही घाघर ड्रेन के लगभग एक किलोमीटर हिस्से का सुधार और चौड़ीकरण कर इसे करीब 30 फीट चौड़ा किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट से मालवीयनगर, सदियापुर, कटारा दरियाबाद, ककराहा घाट, करेली और शास्त्री नगर समेत कई इलाकों को राहत मिलेगी।
 
इसके अलावा घाघर में मिलने वाले दो अन्य ड्रेन और चाचर ड्रेन पर भी पंपिंग स्टेशन लगाए जाएंगे। CDS के प्रोजेक्ट मैनेजर रोहित कुमार राणा के अनुसार फरवरी के अंत तक काम शुरू होते ही यमुना में बाढ़ के दौरान बारिश का पानी घरों में वापस नहीं जाएगा और नाले के किनारे बसे इलाके सुरक्षित रहेंगे।

About The Author

Post Comments

Comments

संबंधित खबरें