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वैज्ञानिकों ने बांस को कहा “नया सुपरफूड”
बीपी नियंत्रण से पाचन तक सेहतमंद है बांस
दुनिया भर के शोधकर्ताओं का कहना है कि बांस की कोमल कोंपल (bamboo shoots) अपने पोषण-घनत्व और स्वास्थ्य लाभों के कारण भविष्य का एक महत्वपूर्ण सुपरफूड बन सकती हैं। हाल के वैज्ञानिक सर्वे और अध्ययनों में इनके पोषक तत्व, रिहोल्ड फाइबर, विटामिन और खनिजों से कई स्वास्थ्य लाभ का संकेत मिला है।
बांस की कोंपलें प्रोटीन, फाइबर, पोटैशियम, विटामिन A, B6, E जैसे कई आवश्यक पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत हैं। इसमें वसा (फैट) बहुत कम और कैलोरी भी न्यूनतम होती है, जिससे यह स्वास्थ्य-सचेत लोगों के लिए आदर्श भोजन बनता है।
❤️ ब्लड प्रेशर और हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद
Read More माघ मेला-2026 की छवि धूमिल करने की साजिश ।AI-Generated भ्रामक वीडियो फैलाने वाला अभियुक्त गिरफ्तारपोटैशियम की अधिकता:
उच्च पोटैशियम रक्त में सोडियम के दुष्प्रभाव को कम करता है और ब्लड प्रेशर नियंत्रण में मदद करता है। यह दिल के स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाता है।
फाइबर और फाइटोस्टेरॉल्स:
बांस में मौजूद फाइबर और फाइटोस्टेरॉल्स “खराब” LDL कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करते दिखे हैं, जिससे हृदय-रोग का जोखिम घट सकता है।
मानव शोध के संकेत:
ब्रिटेन की एंग्लिया रुसकिन यूनिवर्सिटी के रिव्यू में पाया गया कि बांस का सेवन ब्लड शुगर, ब्लड लिपिड प्रोफाइल और पाचन में सुधार के संकेत देता है — जो हृदय रोग और मधुमेह जैसे जीवन-शैली रोगों के जोखिम को कम कर सकता है।
🧠 पाचन स्वास्थ्य और वजन नियंत्रण
बांस की कोंपलें उच्च फाइबर से भरपूर होती हैं, जिससे कब्ज, गैस या अपच जैसी समस्याओं में राहत मिल सकती है।
फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा रखता है, जिससे वजन नियंत्रित करने में मदद मिलती है।
🦴 हड्डियाँ, इम्यूनिटी और त्वचा
इसमें मौजूद सिलिका त्वचा और जोड़ स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हो सकती है — जो कोलेजन के निर्माण में सहायक है।
विटामिन और खनिज प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में मदद करते हैं।
📊 वैज्ञानिक सबूत का सार
PMC (PubMed Central) में प्रकाशित शोधों के अनुसार बांस के फाइबर और फाइटोस्टेरॉल्स से कोलेस्ट्रॉल में कमी, बेहतर पाचन और ब्लड प्रेशर नियंत्रण के संकेत मिले हैं।
शोधों में यह भी दिखाया गया कि लोगों के आहार में बांस शामिल करने से ब्लड शुगर नियंत्रण और बेहतर कोलेस्ट्रॉल प्रोफाइल जैसे सकारात्मक परिणाम देखने को मिले।
⚠️ सतर्कता और तैयारी का महत्व
वैज्ञानिकों ने यह भी कहा है कि बांस की कोंपल सही तरीके से पकाई जानी चाहिए, क्योंकि कुछ प्रजातियों में cyanogenic glycosides नामक यौगिक हो सकते हैं, जो अगर ठीक से नहीं पकाया जाए तो हानिकारक हो सकते हैं। इसीलिए पकाकर ही सेवन करना सुरक्षित माना जाता है।
📌 निष्कर्ष
बांस की कोमल कोंपलें एक पौष्टिक, कम कैलोरी वाला, फाइबर-युक्त सुपरफूड विकल्प बन सकती हैं, जो:
ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद कर सकती हैं,पाचन तंत्र को स्वस्थ रख सकती हैं,हृदय स्वास्थ्य का समर्थन कर सकती हैं,वजन नियंत्रण और इम्यूनिटी को भी बेहतर बना सकती हैं। फिर भी विशेषज्ञों के अनुसार इसकी व्यापक स्वास्थ्य सिफारिश देने से पहले और मानव आधारित शोधों की आवश्यकता है।
संवाददाता सचिन बाजपेई

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