New Expressway: यह एक्सप्रेसवे 4 राज्यों को जोड़ेगा आपस में, जमीनों के रेट होंगे हाई

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New Expressway: भारतमाला एक्सप्रेसवे बनने के बाद चंदौली से कोलकाता की दूरी केवल 6 घंटे में तय की जा सकेगी, जबकि फिलहाल यही सफर 1314 घंटे लेता है। 686 किमी लंबा और 8 लेन का यह हाई-स्पीड कॉरिडोर उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल को जोड़ेगायह पूर्वी भारत के विकास में निर्णायक भूमिका निभाने वाला सबसे बड़ा रोड नेटवर्क बनने जा रहा है

चंदौली से कोलकाता तक बनेगा तेज और सीधा रूट

इस एक्सप्रेसवे का लक्ष्य काशी से कोलकाता तक तेज, सीधा और उच्च गुणवत्ता वाला मार्ग तैयार करना हैयह मार्ग रांची होकर भभुआ, सासाराम, औरंगाबाद, बोकारो और पुरुलिया को जोड़ते हुए कोलकाता तक पहुँचेगा। नई सड़क से व्यापारिक गतिविधियां तेज होंगी और पूरे क्षेत्र में औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।

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कब रखी गई थी आधारशिला?

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इस महत्वाकांक्षी परियोजना की आधारशिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी 2024 में चंदौली में रखी थी। वर्ष 2019 में मंजूरी के बाद भूमि अधिग्रहण और निविदा प्रक्रिया में समय लगा, लेकिन आधारशिला रखे जाने के बाद निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ा है। झारखंड और बिहार के हिस्सों में कई निर्माण पैकेजों पर तेज गति से काम चल रहा है।

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चंदौली में 31 गांवों से गुजरेगा एक्सप्रेसवे

चंदौली जिले में एक्सप्रेसवे का 22 किमी लंबा सेक्शन 31 गांवों से होकर गुजरेगा। कई जगह पुल, अंडरपास और सर्विस रोड का काम शुरू हो चुका है। भूमि विवाद सुलझने और मुआवजा दिए जाने के बाद स्थानीय किसानों ने भी परियोजना को समर्थन दिया है, जिससे निर्माण गति पकड़ चुका है।

कोलकाता और हल्दिया बंदरगाहों तक तेज़ पहुंच मिलने से स्टील, कोयला और खनिजों का परिवहन तेज होगा। धनबाद की कोयला खदानें, बोकारो स्टील प्लांट और बंगाल के औद्योगिक क्षेत्र सीधे तौर पर इस कॉरिडोर से लाभान्वित होंगे। यह सड़क नेटवर्क पूर्वी भारत की अर्थव्यवस्था में भारी उछाल ला सकता है।

काशी से बंगाल का मजबूत संपर्क

एक्सप्रेसवे वाराणसी और कोलकाता के बीच लगभग 710 किमी की सीधी सड़क उपलब्ध करवाएगा, जिससे दूरी और समय दोनों में भारी कमी आएगी। यह धार्मिक, सांस्कृतिक, औद्योगिक और शैक्षणिक दृष्टि से दोनों राज्यों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी स्थापित करेगा।

दिल्ली और कश्मीर तक बनेगी हाईवे चेन

यह एक्सप्रेसवे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, आगरालखनऊ एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे और दिल्लीकटरा एक्सप्रेसवे से जुड़कर काशी से दिल्ली और जम्मू-कश्मीर तक एक निरंतर हाईवे नेटवर्क प्रदान करेगा। इससे उत्तरपूर्वी और उत्तरपश्चिमी भारत के बीच यात्रा बेहद आसान हो जाएगी।

भूमि अधिग्रहण और निर्माण की स्थिति

2019 में परियोजना शुरू होने के बाद 2023 में भूमि अधिग्रहण का काम तेज हुआ। आठ पैकेजों के लिए 15 कंपनियों ने बोली लगाई। झारखंड वाले हिस्से में निविदा प्रक्रिया पहले पूरी हुई और निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है। वन क्षेत्रों में मंजूरी में देरी के बावजूद अब अधिकांश बाधाएं दूर हो रही हैं।

413 किमी खंड पर लगातार प्रगति

रांचीवाराणसी (413 किमी) खंड पर मशीनरी और श्रमिक तैनात किए जा चुके हैं। वन मंजूरी, तकनीकी चुनौतियों और मौसम के बावजूद काम निरंतर बढ़ रहा है। परियोजना अधिकारियों के अनुसार आगामी कुछ महीनों में निर्माण और तेज होगा।

कब तक बनकर तैयार होगा एक्सप्रेसवे?

NHAI परियोजना प्रबंधक संचित मंगला के अनुसार, चंदौलीकोलकाता एक्सप्रेसवे को पूरा होने में अभी करीब तीन साल और लगेंगे। लगभग 90% भूमि अधिग्रहण पूरा हो चुका है। भू-विवादों का हल निकलते ही निर्माण गति पकड़ रहा है और एक्सप्रेसवे नियत समय में पूरा होने की उम्मीद है।

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संदीप कुमार मीडिया जगत में पिछले 2019 से ही सक्रिय होकर मीडिया जगत में कार्यरत हैं। अख़बार के अलावा अन्य डिजिटल मीडिया के साथ जुड़े रहे हैं। संदीप का पॉलिटिकल न्यूज, जनरल न्यूज में अनुभव रहा है। साथ ही ऑनलाइन खबरों में काफी अनुभव है l 

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