Black Wheat: किसानों को काले गेहूं की खेती से मिलेगा बड़ा मुनाफा, जानें क्या है खासियत

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Black Wheat: रबी सीजन अपने चरम पर है और नवंबर के पहले सप्ताह से ही गेहूं की बुवाई तेज होने वाली हैपिछले कई दिनों से मौसम में आए बदलाव के कारण खेतों की नमी बढ़ गई थी, अब किसान धूप खिलने का इंतज़ार कर रहे हैं ताकि मिट्टी बुवाई के लिए पूरी तरह तैयार हो सके। मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में इस समय गेहूं की बुवाई बड़े स्तर पर होती है, लेकिन क्षेत्र और सिंचाई व्यवस्था के हिसाब से किसान अलग-अलग वैरायटी का चयन करते हैं

इन्हीं वैरायटियों में पिछले चारपांच वर्षों से काला गेहूं (Black Wheat) किसानों के बीच तेजी से लोकप्रिय हुआ है। इसकी खास वजह है इसमें मौजूद औषधीय गुण और सामान्य गेहूं की तुलना में मिलने वाला दोगुना मुनाफा। कोरोना महामारी के बाद लोगों में स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ी है, जिसके चलते इम्यूनिटी बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों की डिमांड बहुत ज्यादा बढ़ी है। काला गेहूं इसी श्रेणी में आता है।

क्या है काले गेहूं की खासियत?

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काले गेहूं में एंथोसायनिन (Anthocyanin) की मात्रा अधिक पाई जाती है, जो एक प्राकृतिक एंटीऑक्सिडेंट और एंटीबायोटिक है। यह तत्व हार्ट अटैक, कैंसर, डायबिटीज, एनीमिया, मानसिक तनाव और जोड़ दर्द जैसी बीमारियों में लाभदायक माना जाता है। यही वजह है कि बाजार में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है और बड़े शहरों में इसका उपयोग तेजी से बढ़ा है।

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कितना मिलता है मुनाफा?

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बाजार में काला गेहूं 4,000 रुपये से 6,000 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रहा है। यह सामान्य गेहूं से लगभग दोगुना महंगा है। इसी कारण किसान इससे बेहतर मुनाफा कमा सकते हैं। प्रति एकड़ 14 से 20 क्विंटल तक उत्पादन मिलना आम बात है।

कैसे करें काले गेहूं की खेती?

बुवाई से पहले खेत को अच्छी तरह तैयार करें। प्रति एकड़ 50 से 80 किलो बीज पर्याप्त माना जाता है। फसल अवधि 105 से 120 दिन की होती है।

मार्केट की चिंता कम है, क्योंकि शहरों में काले गेहूं की मांग लगातार बढ़ रही है और बड़ी कंपनियां भी इसे खरीदना पसंद कर रही हैं।

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संदीप कुमार मीडिया जगत में पिछले 2019 से ही सक्रिय होकर मीडिया जगत में कार्यरत हैं। अख़बार के अलावा अन्य डिजिटल मीडिया के साथ जुड़े रहे हैं। संदीप का पॉलिटिकल न्यूज, जनरल न्यूज में अनुभव रहा है। साथ ही ऑनलाइन खबरों में काफी अनुभव है l 

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