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मलिहाबाद में दबंग प्रधान पर गंभीर आरोप, जांच भटकाने की साजिश का मामला गरमाया
दबंग प्रधान का बड़ा खेल! विरोधियों को फंसाने और जांच मोड़ने की साजिश
लखनऊ के मलिहाबाद थाना क्षेत्र स्थित बिराहिमपुर ग्राम पंचायत के प्रधान रामशंकर एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। हाल ही में हुए कथित हमले के मामले में अब नया मोड़ आ गया है, जहां उन पर न केवल झूठा मुकदमा दर्ज कराने बल्कि जांच को भटकाने की साजिश रचने के भी गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि 23 मार्च 2026 की रात करीब 10:30 बजे प्रधान रामशंकर ने अपने ऊपर अज्ञात लोगों द्वारा हमला होने की शिकायत दर्ज कराई थी। इस घटना के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज करते हुए कई लोगों को नामजद किया। हालांकि, अब इस मामले में नामजद किए गए युवकों में शामिल आदित्य प्रताप सिंह और पूर्व प्रधान विमल रावत ने पूरे मामले को साजिश करार दिया है।
आदित्य प्रताप सिंह का कहना है कि घटना के समय वह अपने घर पर मौजूद थे और उनका इस पूरे प्रकरण से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधान ने पुरानी रंजिश के चलते उन्हें फंसाने के लिए झूठा मुकदमा दर्ज कराया है। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि दबंग छवि वाले प्रधान द्वारा मोबाइल लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज जैसे बूतों को नजरअंदाज कर जांच को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है।
पूर्व प्रधान विमल रावत ने भी दावा किया है कि जिस समय हमले की बात कही जा रही है, उस वक्त वह अपने घर पर थे और पुलिस को चाहिए कि उनके घर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच करे ताकि सच्चाई सामने आ सके। ग्रामीणों के बीच भी इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं, जिसमें कई लोग इसे दबंग प्रधान द्वारा अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर विरोधियों को फंसाने और जांच भटकाने की साजिश बता रहे हैं।
आरोप है कि यह पूरा मामला सुनियोजित तरीके से तैयार किया गया है ताकि पुराने विवादों का बदला लिया जा सके और निर्दोष लोगों को कानूनी झंझट में फंसाया जा सके। पीड़ित पक्ष ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि किसी भी निर्दोष के साथ अन्याय नहीं होगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। हालांकि अभी तक जांच पूरी नहीं हो पाई है.
इस पूरे प्रकरण ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और अब सबकी नजर पुलिस जांच पर टिकी हुई है कि आखिर सच क्या है और किसने किसे फंसाने के लिए यह साजिश रची।
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