भारत को मिलने जा रही पहली 8-लेन सुरंग, जानें क्या है खास

Sandeep Kumar  Picture
Published On

देशवासियों के लिए एक बड़ी और गर्व की खबर सामने आई हैभारत की पहली 8-लेन सुरंग अब अपने अंतिम चरण में है और उम्मीद है कि दिसंबर 2025 तक यह यातायात के लिए खोल दी जाएगीयह सुरंग दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के कोटा-दिल्ली रूट पर स्थित है और इसका निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है

कहां बन रही है यह सुरंग?

यह टनल राजस्थान के मुकुंदरा हिल्स के नीचे बनाई जा रही है, जो एक संरक्षित टाइगर रिजर्व क्षेत्र है। यह क्षेत्र पर्यावरणीय दृष्टि से बेहद संवेदनशील है, इसलिए सुरंग का डिज़ाइन इस तरह किया गया है कि वन्यजीवों और जैव विविधता को कोई नुकसान न पहुंचे।

इस सुरंग की लंबाई लगभग 5 किलोमीटर और चौड़ाई 22 मीटर है। प्रत्येक दिशा में 4-4 लेन, यानी कुल 8 लेन है वाहन यहां 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेंगे।

रसोई गैस की मारा मारी के बीच डीजल पेट्रोल का संकट Read More रसोई गैस की मारा मारी के बीच डीजल पेट्रोल का संकट

सफर होगा अब और भी आसान

वर्तमान में मुकुंदरा हिल्स को पार करने के लिए वाहन चालकों को लगभग 60 किलोमीटर का अतिरिक्त रास्ता तय करना पड़ता है, जो सवाई माधोपुर के रास्ते होकर लालसोट से होकर गुजरता है। सुरंग चालू होने के बाद वाहन सीधे कोटा की ओर बढ़ सकेंगे और यात्रा का समय लगभग 3 घंटे से घटकर सिर्फ 1 घंटा रह जाएगा। इससे दिल्ली और कोटा के बीच की दूरीसमय दोनों में बड़ी बचत होगी

'न्याय नहीं, देरी व दबाव के लिए हो रहे कई मुकदमे', मुकदमों की बढ़ती संख्या पर सुप्रीम कोर्ट Read More 'न्याय नहीं, देरी व दबाव के लिए हो रहे कई मुकदमे', मुकदमों की बढ़ती संख्या पर सुप्रीम कोर्ट

यह सुरंग इस तरह से डिज़ाइन की गई है कि वन्यजीवों के प्राकृतिक आवागमन पर कोई असरपड़े। सुरंग के ऊपर वन्यजीवों के लिए क्रॉसिंग और मूवमेंट के विशेष प्रावधान किए गए हैं। न ही वन क्षेत्र काटा गया है और न ही निर्माण कार्य से प्राकृतिक संसाधनों को नुकसान हुआ है।

'हरियाणा पुलिस ने 4 साल की बच्ची के रेप केस में आरोपी को बचाने की कोशिश की': सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी बनाई Read More 'हरियाणा पुलिस ने 4 साल की बच्ची के रेप केस में आरोपी को बचाने की कोशिश की': सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी बनाई

बारिश बनी थी बाधा, अब अंतिम चरण में निर्माण

दौसा सेक्शन के परियोजना निदेशक भरत सिंह ने जानकारी दी कि भारी बारिश के कारण कुछ समय के लिए निर्माण कार्य को रोकना पड़ा था, लेकिन अब सभी तकनीकी काम लगभग पूरे हो चुके हैं। अब परियोजना अपने अंतिम चरण में है, और दिसंबर 2025 से इसमें वाहनों की आवाजाही शुरू होने की उम्मीद है।

यह सुरंग भारत की इंफ्रास्ट्रक्चर क्षमताओं और इंजीनियरिंग दक्षता का एक अनोखा उदाहरण बनने जा रही है। इससे न केवल दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को गति मिलेगी, बल्कि यह पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्रों में सतत विकास का बेहतरीन मॉडल भी पेश करेगी।

About The Author

Sandeep Kumar  Picture

[email protected]

संदीप कुमार मीडिया जगत में पिछले 2019 से ही सक्रिय होकर मीडिया जगत में कार्यरत हैं। अख़बार के अलावा अन्य डिजिटल मीडिया के साथ जुड़े रहे हैं। संदीप का पॉलिटिकल न्यूज, जनरल न्यूज में अनुभव रहा है। साथ ही ऑनलाइन खबरों में काफी अनुभव है l 

Post Comments

Comments