ओबरा वीआईपी रोड पर आम का पेड़ गिरने से यातायात बाधित, जनजीवन अस्त-व्यस्त

ओबरा में आंधी ने मचाई तबाही, जगह जगह पेड़ गिरे, आवागमन बाधित

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ओबरा नगर क्षेत्र का मामला

अजित सिंह (ब्यूरो रिपोर्ट) 

सोनभद्र / उत्तर प्रदेश-

ओबरा के वीआईपी रोड पर स्थित बोर्ड के क्वार्टर के पास एक बड़ा आम का पेड़ अचानक गिर गया, जिससे इलाके में यातायात बुरी तरह से बाधित हो गया और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। यह घटना आज सुबह हुई, जब अचानक तेज हवाएं चलने लगीं। बोर्ड के क्वार्टर में लगा एक पुराना और विशाल आम का पेड़ तेज हवाओं के कारण जड़ से उखड़कर वीआईपी रोड पर गिर पड़ा।

पेड़ इतना बड़ा था कि इसने पूरी सड़क को अवरुद्ध कर दिया, जिससे वाहनों का आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया। पेड़ गिरने की आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि पेड़ सड़क के बीचोंबीच गिरा हुआ है और कई वाहन दोनों तरफ फंसे हुए हैं। सुबह के समय होने के कारण सड़क पर काफी भीड़ थी, और पेड़ गिरने से लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।

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राहगीर जहां-तहां फंसे रहे, और अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए उन्हें वैकल्पिक रास्तों की तलाश करनी पड़ी।घटना की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस और बिजली विभाग को दी गई। पेड़ गिरने से बिजली के खंभे और तार भी क्षतिग्रस्त हो गए थे, जिससे इलाके की बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर यातायात को नियंत्रित करने की कोशिश की और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा।

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बिजली विभाग के कर्मचारी भी तुरंत हरकत में आए और बिजली की आपूर्ति को बहाल करने के लिए काम शुरू कर दिया। हालांकि, पेड़ इतना बड़ा और भारी था कि उसे सड़क से हटाने में काफी समय लग रहा था। क्रेन और अन्य भारी उपकरणों की मदद से पेड़ के हिस्सों को काटा गया और फिर सड़क से हटाया गया। इस दौरान वीआईपी रोड पर कई घंटों तक यातायात पूरी तरह से ठप रहा। स्कूल जाने वाले बच्चे, ऑफिस जाने वाले कर्मचारी और अन्य जरूरी कामों से निकले लोग बुरी तरह से फंसे रहे।

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कुछ लोगों ने पैदल ही अपने गंतव्य की ओर जाना शुरू कर दिया, जबकि अन्य पेड़ हटने का इंतजार करते रहे। स्थानीय निवासियों ने बताया कि बोर्ड के क्वार्टर में लगे ये पेड़ काफी पुराने हो चुके हैं और इनकी नियमित रूप से छंटाई और देखभाल की जानी चाहिए थी। पेड़ के कमजोर होने के कारण ही यह तेज हवाओं को भी नहीं झेल सका और गिर गया। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इलाके में लगे ऐसे पुराने और पेड़ों की पहचान की जाए और उन्हें समय रहते हटाया जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।कई घंटों की मशक्कत के बाद आखिरकार पेड़ को सड़क से हटा दिया गया और यातायात सामान्य हो सका।

बिजली विभाग के कर्मचारियों ने भी क्षतिग्रस्त तारों और खंभों को ठीक करके बिजली आपूर्ति को बहाल कर दिया। हालांकि, इस घटना ने एक बार फिर शहर की पुरानी आधारभूत संरचना और उसकी रखरखाव की कमी को उजागर कर दिया है। यह घटना एक सबक है कि पुराने और पेड़ों की नियमित जांच और रखरखाव कितना जरूरी है, खासकर घनी आबादी वाले इलाकों और व्यस्त सड़कों के किनारे लगे पेड़ों की। यदि समय रहते ध्यान दिया जाए तो इस तरह की अप्रिय घटनाओं से बचा जा सकता है, जिससे लोगों को अनावश्यक परेशानी और नुकसान का सामना नहीं करना पड़ेगा।

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