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क्षेत्रीय लेखपाल कानूनगो को बचाने के चक्कर में निरस्त नहीं हो पा रहा फर्जी जारी निवास प्रमाण पत्र
मुख्य विकास अधिकारी ने कराई थी निवास प्रमाण पत्र की जांच
मुझे नहीं है निवास प्रमाण पत्र निरस्त करने का पावर - एसडीएम सदर
शाहजहांपुर/ जनपद की तहसील सदर में फर्जी निवास प्रमाण पत्र जारी करना तो बहुत आसान है लेकिन निरस्त कराना बहुत मुश्किल काम है यहां क्षेत्रीय लेखपाल और कानूनगो सुविधा शुल्क के चलते निवास प्रमाण पत्र जैसे अहम दस्तावेज पर रिपोर्ट तो आंख मीच कर लगा देते हैं लेकिन जब मामला कहीं फसता है तो अपने आप को बचाने में भी बहुत बड़े माहिर है ऐसा ही मामला तहसील सदर के मिदनापुर ब्लॉक के गांव आमखेड़ा में सामने आया है जहां शिकायतकर्ता गुड्डू की जांच के बाद जिला अधिकारी के आदेशानुसार मुख्य विकास अधिकारी ने तहसीलदार सदर से 5 मार्च को एक निवास प्रमाण पत्र की जांच कराई थी।
जिसमें निवास प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया था, जिसमें तहसील के अधिकारियों ने इस फर्जी जारी निवास प्रमाण पत्र का मुख्य कारण तकनीकी दृष्टिगत बताया जो किसी को हजम नहीं हो रहा है और मुख्य कारण रिपोर्ट में ना लिखने के कारण आज तक निवास प्रमाण पत्र निरस्त नहीं हो सका है और शिकायतकर्ता तहसील के चक्कर लगा रहा है संबंधित रिपोर्ट में क्षेत्रीय लेखपाल और कानून को बचाने के चक्कर में मामला लटका पड़ा है उप जिलाधिकारी सदर द्वारा अपर जिलाधिकारी न्यायिक को पत्र जारी कर निवास प्रमाण पत्र निरस्त करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया।
तो अपर जिलाधिकारी न्यायिक ने हाथ खड़े कर दिए बोले यह मुझसे संबंधित मामला नहीं है वहीं दूसरी तरफ इस मामले में जब एसडीएम सदर पांडे से बात की गई तो उन्होंने बताया की निवास प्रमाण पत्र निरस्त करने का पावर मुझे नहीं है कुल मिलाकर इस पूरे मामले में अधिकारियों का गोल मोल जवाब शिकायतकर्ता को कोर्ट जाने के लिए मजबूर कर रहा है भाई दूसरी तरफ शिकायतकर्ता ने आरोप लगाते हुए बताया की तहसील और एसडीएम कार्यालय के कुछ बाबू उसे 1 महीने से टरका रहे हैं जो फर्जी निवास प्रमाण पत्र जारी कराने वाले से मिले हुए हैं।

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