ओडीएफ की पोल खोल रही गांव की मुख्य सड़कें

कागजों में साफ-सफाई दिखाकर ग्राम प्रधान तथा सचिव को शासन द्वारा दो-दो बार दिया गया प्रशस्ति पत्र

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(रिपोर्ट! मनोज पाण्डेय) 
 
महराजगंज। महराजगंज जनपद भले ही ओडीएफ हो गया है लेकिन गांव व सड़कों पर आज भी गंदगी का अंबार है। खेत और सड़क पर लोगों को शौच करने न जाना पड़े इसके लिए शासन द्वारा हर घर में शौचालय बनाया गया फिर भी लोग घरों के बाहर खुले में शौच कर रहे हैं ऐसे में लोग पुराने ढर्रे पर लौट आये हैं। खुले में शौच जाने से खेत और सड़क गंदगी से पट गए हैं।
 
गांव को स्वच्छ और निर्मल बनाने के लिए 2014 से घरों में व्यक्तिगत शौचालय शासन द्वारा बनवाए जा रहे हैं तथा गावों में सामुदायिक व पिंक शौचालय का भी निर्माण करवाया गया है बावजूद इसके लोग खुले में शौच जाने से परहेज नहीं कर रहे हैं। गांवों में सफाईकर्मी की तैनाती भी की गई है लेकिन सफाई कर्मचारी भी सफाई करने में लापरवाही दिखा रहे हैं।
 
विकासखण्ड नौतनवां क्षेत्र के हनुमानगढ़िया टोला सोहनी की मुख्य सड़क प्रधानमंत्री की ड्रीम प्रोजेक्ट में शुमार स्वच्छ भारत मिशन की खुलेआम धज्जियां उड़ा रही हैं। उक्त गांव की सड़क बॉर्डर पर स्थित भगवानपुर व बार्डर डेवलपमेंट रोड को जोड़ने वाली मुख्य सड़क है। उक्त गांव के सड़क की स्थिति पुराने ढर्रे पर आ पहुंची है जहां जन-जागरूकता के आभाव में गांव की सड़क शौच से पटी पड़ी है जिससे राहगीरों का आवागमन करना मुश्किल हो गया है।
 
वहीं उक्त गांव के ग्राम प्रधान तथा सचिव को दो-दो बार गांव की सफाई दिखाकर शासन को गुमराह करके उत्कृष्ट कार्य को लेकर शासन द्वारा प्रशस्ति पत्र प्राप्त किया जा चुका है लेकिन गांव की स्थिति में आज भी कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। ऐसे में अदम गोंडवी की द्वारा रचित कविता "तुम्हारी फाइलों में गांव का मौसम गुलाबी है मगर ये आंकड़ें झूठे हैं ये दावा किताबी हैं " की उक्त पंक्तियां ब्लाक के गांवों को ओडीएफ घोषित किए जाने पर सटीक बैठती हैं।पहला खबर,

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