डौडियाखेड़ा का पौराणिक कामेश्वर मन्दिर ढहने की कगार पर

डौडियाखेड़ा का पौराणिक कामेश्वर मन्दिर ढहने की कगार पर

ऐतिहासिक गांव डौडियाखेड़ा में अति प्राचीन पुनीत कामेश्वर महादेव का पौराणिक स्थल स्थित है। 



स्वतंत्र प्रभात 


उन्नाव। सोने की खुदाई को लेकर विश्व भर में चर्चा में आए डौंडियाखेड़ा गांव के प्राचीन मंदिरों का अस्तित्व मिटने की कगार पर है। जिम्मेदारों द्वारा प्राचीन मंदिरों के रख रखाव पर ध्यान न दिए जाने की वजह से वह कंडम होते जा रहे हैं। 

डौंडियाखेड़ा स्थित कामेश्वर महादेव का पौराणिक मंदिर जीर्ण शीर्ण हो चुका है। लगातार गंगा की कटान की जद में आ रहा यह मंदिर कभी भी ढह सकता है। जिला मुख्यालय से लगभग 44 किमी की दूरी पर स्थित ऐतिहासिक गांव डौडियाखेड़ा में अति प्राचीन पुनीत कामेश्वर महादेव का पौराणिक स्थल स्थित है। 

मान्यता है कि मंदिर में मात्र चरण पड़ने से लोगों के कष्ट दूर हो जाते हैं। अति प्राचीन पूज्य एवं सिद्ध स्थान लगातार जर्जर होता जा रहा है। मंदिर का अस्तित्व बचाए रखने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। मन्दिर के ढहे हुए गुम्बद की मौजूदा विधायक द्वारा मरम्मत कराई गई थी। 

हालांकि मरम्मत में गुणवत्ता की अनदेखी की गई। मन्दिर के पिछले हिस्से की स्थिति इतनी जर्जर हो चुकी है कि किसी भी समय अप्रिय घटना घटित हो सकती है। ग्राम प्रधान दिलीप निर्मल, दिनेश शुक्ला, पंकज, अतुल मिश्रा, नवीन पाण्डेय, कुलदीप सिंह ने बताया कि मन्दिर के दर्शन के लिए दूर दूर से लोग आते हैं। ऐसे में प्रशासन को इसकी मरम्मत करानी चाहिए। जिससे मंदिर का अस्तित्व बचा रहे।
 

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