गोरखपुर में नया गोरखपुर बसाने की तैयारी, जीडीए ने चिह्नि‍त की 25 सौ एकड़ जमीन

गोरखपुर में नया गोरखपुर बसाने की तैयारी, जीडीए ने चिह्नि‍त की 25 सौ एकड़ जमीन

गोरखपुर विकास प्राधिकरण की ओर से एक और ऐतिहासिक योजना तैयार,


स्वतंत्र प्रभात 


शत्रुघ्न मणि त्रिपाठी 

गोरखपुर, मेट्रो सिटी की ओर बढ़ रहे गोरखपुर के लिए गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) की ओर से एक और ऐतिहासिक योजना तैयार की गई है। कुशीनगर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा का लोकार्पण होने के बाद एक नया गोरखपुर बसाने की तैयारी शुरू हो गई है। 


यह शहर सोनबरसा रोड (कुशीनगर मार्ग पर) पर करीब 2500 एकड़ में बसाया जाएगा। शहर के बीचोबीच में मेट्रो सिटी की तर्ज पर एक सिटी सेंटर बसाने की भी योजना है। यहां होटल, माल, मल्टीप्लेक्स, स्कूल, ग्रुप हाउसिंग, रिसार्ट, बैंक्वेट हाल, आवासीय कालोनी,


 बिजनेस हाल, पेट्रोल पंप, अस्पताल सबकुछ होगा। इन सुविधाओं के लिहाज से महायोजना 2031 में प्रावधान किए जा रहे हैं। भू उपयोग भी उसी अनुसार निर्धारित होंगे। भू उपयोग बनने के बाद रियल एस्टेट कारोबारी इस ओर आकर्षित होंगे। इस नए गोरखपुर में करीब 1.5 लाख की आबादी बसाने की योजना है।


बदलेगा भू प्रयोग


जीडीए की ओर से महायोजना 2031 बनाने का काम अंतिम चरण में पहुंच चुका है। प्राधिकरण की सीमा में शामिल हुए नए क्षेत्रों के विकास की योजना भी बनाई जा रही है। उनके भू उपयोग परिवर्तित किए जा रहे हैं। इसी दिशा में काम करते हुए जीडीए ने सभी सुविधाओं से युक्त नया गोरखपुर बसाने की योजना बनाई है। 


सोनबरसा रोड पर कुसम्ही जंगल पार करने के बाद जगदीशपुर (जहां कालेसर-जगदीशपुर फोरलेन बाईपास ममिलता है) से लेकर गोरखपुर देवरिया रोड पर स्थित रामनगर कड़जहां के बीच बसेगा। एक ओर कुसम्ही जंगल होगा।


जीडीए अधिग्रहीत नहीं करेगा जमीन


यहां जमीन अधिग्रहण की जीडीए की कोई योजना नहीं है। जिस जगह नया शहर बसाने की योजना बनाई गई है, वहां से गोरखपुर एयरपोर्ट एवं कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंचने में काफी आसानी होगी। 


रिंग रोड पूरा हो जाने के बाद नेपाल, महराजगंज, बिहार, देवरिया, लखनऊ की कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी। जिला प्रशासन रामनगर कड़जहां में पहले से ही आधुनिक बस अड्डा बनाने की योजना तैयार कर चुका है। यह शहर बसाने के लिए जीडीए जमीन अधिग्रहीत नहीं करेगा बल्कि निजी निवेशक ही इसे तैयार करेंगे। 

सड़क, नाली एवं अन्य सुविधाओं के लिए नियम जीडीए की ओर से बनाए जाएंगे। सड़क की चौड़ाई निर्धारित होगी, जल निकासी की आधुनिक व्यवस्था होगी। इस क्षेत्र में अभी जमीन कृषि योग्य है। उसका भू उपयोग आवासीय, वाणिज्यिक करने की तैयारी है। रियल एस्टेट के दिग्गज इस क्षेत्र में निवेश कर नया गोरखपुर बसाएंगे।


हृदय स्थल होगा सिटी सेंटर


इस शहर के बीचोबीच प्रस्तावित सिटी सेंटर शहर का हृदय स्थल होगा। मेट्रो सिटी के सबसे महत्वपूर्ण स्थान की तर्ज पर इसे बसाने की योजना है। इसके लिए भी जीडीए की ओर से प्रावधान तैयार किया जा रहा है।


सोनबरसा रोड पर वाणिज्यिक भू उपयोग


कुशीनगर रोड पर सोनबरसा तक जीडीए की सीमा है। यहां तक सड़क के दोनों ओर 300 मीटर तक वाणिज्यिक भू उपयोग हो सकता है। महायोजना 2031 में इसको लेकर सहमति लगभग बन चुकी है। इस क्षेत्र में वाणिज्यिक गतिविधियों के लिए अनुमति होने के बाद तेजी से निवेश आने की संभावना जतायी जा रही है।

शहर का तेजी से विकास हो रहा है। जीडीए का क्षेत्र भी विस्तारित हुआ है। ऐसे में महायोजना 2031 में नया गोरखपुर बसाने के लिए प्रावधान किए जा रहे हैं। करीब 2500 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल में यह शहर सोनबरसा रोड पर बसाया जाएगा। यहां हर सुविधा के अनुसार भू उपयोग निर्धारित किए जाएंगे।


 कई बड़े रियल एस्टेट कारोबारी यहां निवेश करेंगे। बीचोबीच एक मेट्रो सिटी की तर्ज पर एक सिटी सेंटर भी होगा। इस शहर से आवागमन के लिए बेहतर कनेक्टिविटी होगी। - प्रेम रंजन सिंह, उपाध्यक्ष, जीडीए।

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