गोला के बिसरा मंदिर व सरयू तट पर 1922 चौरी चौरा प्रतिकार फिल्म की हुई शुटिंग

गोला के बिसरा मंदिर व सरयू तट पर 1922 चौरी चौरा प्रतिकार फिल्म की हुई शुटिंग

प्रसिद्ध अभिनेता व सांसद गोरखपुर रविकिशन शुक्ला के उपर फिल्मांकन किया गया।


स्वतंत्र प्रभात 

शत्रुघ्न मणि त्रिपाठी

गोरखपुर ।  जनपद के चौरीचौरा के ऐतिहासिक घटना पर आधारित हिंदी फिल्म 1922 प्रतिकार चौरीचौरा फिल्म के कुछ महत्वपूर्ण हिस्सों की शूटिंग उपनगर गोला के बिसरा गाँव में सम्पन्न हुई। इस दौरान इस फिल्म में भगवान आहिर का किरदार निभा रहे प्रसिद्ध अभिनेता व सांसद गोरखपुर रविकिशन शुक्ला के उपर फिल्मांकन किया गया।


इस दौरान सांसद व फिल्म अभिनेता रविकिशन शुक्ला से प्रेस वार्ता किया गया तो इन्होंने बताया कि गोरखपुर जनपद के चौरी चौरा में सन 1922 में एक बहुत बड़ी क्रांति हुई थी जिसको कांग्रेस केे और अंग्रेजों ने कांड कहा था लेकिन वह प्रतिकार था चौरी चौरा थाना पर गोरखपुर मंडल के करीब 200 से ज्यादा लोगों को गोलियों से भुन दिया गया था अंग्रेज पुलिस के द्वारा उसी के प्रतिकार में मैं


 एक भगवान अहीर का फिल्म में किरदार की भूमिका निभा रहा हूं।आगे कहा कि 19 लोग जिनके बारे में इतिहास के पन्नों में कोई जिक्र नहीं कांग्रेसी सरकार में पूर्वांचल में जितने शहीद हुए या क्रांति कीजिए उनके बारे में कभी जिक्र नहीं है तो इतिहास के पन्नों को दुबारा यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा व पूज्य योगी महाराज जो चाह रहे हैं कि दुबारा इतिहास के पन्नों में पूर्वांचल के हीरो को उनके शहादत क्रांति के बारे में

 कि कैसे उन लोगों ने 1947 में भारत की आजादी के लिए लड़ाई लड़ी तो वह किरदार भगवान अहीर के रूप में मैं हूं हमारे साथ 19 लोगों को फांसी हुई थी यह कहानी उनकी है हम लोगों को इस फिल्म में फांसी होती है चौरी चौरा पर कभी सिनेमा नहीं बना था इसलिए यह सिनेमा बन रहा है।पूर्वांचल भी इस देश की आजादी में एक बहुत बड़ा योगदान दिया था चौरी चौरा कांड नहीं एक प्रतिकार था। जिसको कांग्रेस व पिछली सरकारों ने 


इतिहास के पन्नों में पूर्वांचल के शहीदों को हटा दिया गया था दोबारा उनको चलचित्र के द्वारा वापस प्रस्तुत कर रहे हैं।फिल्म के प्रोड्यूसर एवं मीडिया हेड गौरव शंकर खरे जो इस फिल्म में चिंताहवा बाबा की भूमिका मेंं है उन्होंने बताया कि फिल्म की शूटिंग का निर्णय गोला में स्थित प्राकृतिक मनोरम दृश्यों को देखकर लिया गया था। सरयू तट पर स्थित बिसरा मंदिर फिल्म के लिए एक महत्वपूर्ण जगह है।


 उन्होंने बताया कि रविशंकर खरे द्वारा प्रस्तुत और भानु द्वारा निर्देशित फिल्म है। आगें कहा वह अपने साथियों के साथ प्रतिकार को अंजाम देने के बाद बाबा राघव दास के आश्रम में आते हैं। यह सीन फिल्म का अहम पड़ाव है जब क्रांतिकारी बाबा राघव दास से मिल रहे हैं 

तथा छुप रहे हैं और हताश निराश भगवान अहीर को चिंताहवा बाबा प्रोत्साहित करते हैं तथा धर्म को अपनाने को कहते हैं।इस अवसर पर सीओ अंजनी कुमार पाण्डेय जिला पंचायत सदस्य माया शंकर शुक्ल पूर्व प्रधान प्रतिनिधि कुश चंद श्रवण यादव सतीश शर्मा  सहित आदि लोग भारी संख्या में मौजूद रहे।
 

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