अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के बाद उबले सपाई, पूर्वांचल भर में धरना-प्रदर्शन और गिरफ्तारी ।

अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के बाद उबले सपाई, पूर्वांचल भर में धरना-प्रदर्शन और गिरफ्तारी ।

काफी जगहों पर पुलिस भी सपाइयों से निवेदन कर उनको वापस लौटने की अपील करती नजर आई।  


स्वतंत्र प्रभात 
ए .के. फारूखी (रिपोर्टर)

ज्ञानपुर,भदोही ।

लखीमपुर-खीरी प्रकरण को लेकर अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के बाद पूरे पूर्वांचल भर के सपाइयों में आक्रोश है। आज सोमवार को सुबह से ही धरना प्रदर्शन की तैयारियों को लेकर आक्रोश के स्‍वर मुखर होते गए तो दिन चढ़ते- चढ़ते सपाइयों ने धरना प्रदर्शन कर किसानों की मौत और अपने नेता की गिरफ्तारी के विरोध में आक्रोश जताने जगह जगह एकत्र होकर प्रदर्शन करते नजर आए। भदोही कलेक्ट्रेट में जहां प्रदर्शन कर रहे सपाइयों को पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए हटाने की भरपूर कोशिश की,और सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। सिर्फ जिला मुख्‍यालय ही नहीं बल्कि कस्‍बों और तहसीलों तक में सपाइयों का आक्रोश रहा,तो पुलिस के सामने कहीं सपाई डटे नजर आए तो कहीं पुलिस की सख्‍ती के आगे अड़कर पार्टी के शीर्ष नेता के साथ खड़े होने का अहसास पुलिस और प्रशासन को भी कराया। हालांकि, काफी जगहों पर पुलिस भी सपाइयों से निवेदन कर उनको वापस लौटने की अपील करती नजर आई।  


भदोही में जिला मुख्यालय पर धरना देने के लिए सुबह से ही पूर्व विधायक सपा जाहिद बेग और जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में सपा कार्यकर्ता जमा होने लगे। लखीमपुर खीरी की घटना के विरोध में भदोही समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक जाहिद द्वारा पुतला दहन के दौरान पुतला फूंकने की सूचना पर भारी फोर्स के बीच हुई छीना-झपटी में श्री बेग जमीन पर गिर पड़े और पुतला दहन में नाकाम रहे। इससे झल्लाये सपा कर्यकर्ता धरने पर बैठ गए तो जिला मुख्यालय पर सपाइयों की जुटान दोपहर तक होती रही। पहले कार्यकर्ताओ ने जिलाधिकारी कार्यालय पर जाने की जिद की तो रोके जाने पर मुख्यालय स्थित गेट पर धरना देने बैठ गए। पूर्व विधायक जाहिद बेग ने आरोप लगाया अजय कुमार मिश्र टोनी पर पूर्व में भी अपराधिक मामले दर्ज हैं। और शायद यही मौजूदा सरकार में मंत्री पद हासिल करने की सबसे बड़ी योग्यता है। जिसे कल मंत्री पुत्र ने पिता की धमकी को लागू कर साबित कर दिया है‌ लखीमपुर खीरी की घटना ने साबित कर दिया है भाजपा सरकार फासिस्ट तानाशाह है‌।

 इस दमनकारी जनविरोधी सरकार ने समाज के हर हिस्से का दमन उत्पीड़न कर रखा है। सच बोलना और अपनी बात कहना अपराध घोषित कर रखा है। इस सरकार को जाना ही होगा। शहीद किसानों- पत्रकार को अश्रुपूरित श्रद्धांजलि। अजय मिश्र टोनी को तत्काल बर्खास्त किया जाए और उनके पुत्र पर हत्या का अभियोग पंजीकृत कर गिरफ्तार किया जाय। सरकार विरोधी नारे के साथ दोषियों को फांसी देने की मांग करते रहे। कार्यकर्ताओं का कहना है किट राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को लखनऊ में गिरफ्तार कर लिया गया है। जब तक उनकी रिहाई नही होती धरना चलता रहेगा। इसके बाद जिला मुख्यालय पर तनाव बढ़ गया तो सपाइयों की संख्या बढ़ने के साथ पुलिस मुस्तैद हो गई। धरनारत सपाइयों को समझाने के लिए प्रभारी निरीक्षक विनोद यादव भी पहुंचे और सभी को रास्‍ता खाली करने का अनुरोध करते हुए समझाने की कोशिश की। इसके बाद सपाई नहीं माने तो पुलिस ने सख्‍ती की। 

 जिलाध्यक्ष बाल विद्या विकास यादव के नेतृत्व में राज्यपाल के नाम 3 ( तीन सूत्री) मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा जिसमें १-प्रत्येक मृतक किसानों के परिजनों को दो करोड़ उनकी मदद और परिवार को सरकारी नौकरी और-गृह राज्य मंत्री और उप मुख्यमंत्री का इस्तीफा हो‌  तीनों क्ष@दोषियों को 302 के तहत तत्काल जेल भेजा जाए उपस्थित में समीक्षा कार्यक्रम के प्रभारी सयूस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष विकास यादव ,शिव मूर्ति सिंह राणा, जिला महासचिव हृदय नारायण प्रजापति, पूर्व विधायक जाहिद बेग, पूर्व विधायक मधुबाला पासी, पूर्व जिलाध्यक्ष प्रदीप यादव, पूर्व  आरिफ सिद्दीकी,हसनॅन अंसारी डा.नीलम मिश्रा, अंजनी सरोज,राजेश सोनकर सोभनाथ यादव, जिला पंचायत सदस्य मनोज यादव,केशनारायण यादव, पन्ना लाल यादव, लालचंद बिंद_ संतोष यादव, रवि यादव, यशवंत सिंह यादव, सुभाष पासी, मनोज कनौजिया ,इज़हार अंसारी, सलाउद्दीन अंसारी, गुलाब यादव, राजन पांडेय, गुलाब पाठक,अंकित पाण्डेय भीम यादव राहुल यादव  सहित सैकड़ों की संख्या में उपस्थित रहे ।


 

Tags:

About The Author

Post Comment

Comment List

Online Channel