समाज चिंतन

धर्म और समानता का द्वंद्व अदालत और परंपरा के बीच संतुलन की तलाश

भारत जैसे बहुलतावादी समाज में धर्म, आस्था और परंपरा का गहरा स्थान रहा है। यहां विभिन्न धर्मों, संप्रदायों और उनके रीति-रिवाजों की विविधता ही इसकी पहचान है। ऐसे में जब किसी धार्मिक परंपरा और संवैधानिक मूल्यों के बीच टकराव उत्पन्न...
स्वतंत्र विचार  संपादकीय 

शुद्ध आहार से स्वस्थ जीवन और धर्म साधना का मार्ग

मानव जीवन को यदि गहराई से समझा जाए तो यह स्पष्ट होता है कि शरीर केवल भोग का साधन नहीं बल्कि धर्म साधना का आधार है। प्राचीन वचनों में कहा गया है कि शरीर ही धर्म का पहला साधन है।...
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वैचारिकता से मजबूत होती मानसिकता

मनुष्य के जीवन में अध्ययन जितना आवश्यक है उतना ही आवश्यक मनन और चिंतन भी है। केवल पुस्तक पढ़ना ही संपूर्ण मानवीय उद्देश्य ना होकर उससे प्राप्त ज्ञानामृत का मनन एवं चिंतन भी अत्यंत आवश्यक है। किसी भी पुस्तक का...
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कहां गए शांति के कपोत उड़ाने वाले?

अशोक मधुपआज की दुनिया बारूद से धधक रही  है। रूस-यूक्रेन  से लेकर मध्य पूर्व के रेगिस्तानों तक, हर तरफ मिसाइलों की गूँज है। शांति की बाते  अब सुनाई  नही देतीं। शांति के कपोत उड़ाने  वाले दिखाई देने बंद...
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