युद्ध विरोध

कहां गए शांति के कपोत उड़ाने वाले?

अशोक मधुपआज की दुनिया बारूद से धधक रही  है। रूस-यूक्रेन  से लेकर मध्य पूर्व के रेगिस्तानों तक, हर तरफ मिसाइलों की गूँज है। शांति की बाते  अब सुनाई  नही देतीं। शांति के कपोत उड़ाने  वाले दिखाई देने बंद...
संपादकीय  स्वतंत्र विचार