प्रो आरके जैन अरिजीत
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गर्मी में प्यास, बारिश में सैलाब: विकास के मॉडल पर बड़ा सवाल
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By Swatantra Prabhat UP
प्रो. आरके जैन “अरिजीत” 21वीं सदी का भारत एक कड़वी विडंबना के दौर से गुजर रहा है। एक ओर देश अंतरिक्ष में नई ऊंचाइयां छू रहा है, तो दूसरी ओर करोड़ों लोग पानी की एक-एक बूंद के लिए...
नया न्यायिक सवेरा – जब न्याय समय पर मिले, तो हर घाव भर जाता है
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By Swatantra Prabhat UP
प्रो. आरके जैन “अरिजीत” भारतीय न्याय व्यवस्था में कुछ फैसले केवल कानूनी आदेश नहीं होते, बल्कि बदलाव की नई दिशा तय करते हैं। 29 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी निर्देश ऐसा ही एक ऐतिहासिक हस्तक्षेप है। न्यायमूर्ति...
जेब में पलता अदृश्य ज़हर: सोशल मीडिया और युवा मन का संकट
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By Swatantra Prabhat
[आभासी सफलता का दबाव और युवा मन का अवसाद] [सोशल मीडिया: मनोरंजन नहीं, मानसिक प्रदूषण का नया दौर] · प्रो. आरके जैन “अरिजीत” कभी मानव सभ्यता को खतरा बाहरी प्रदूषणों से था—धुएँ से, प्लास्टिक...

