भारतीय समाज

देश की भावी पीढ़ी को नशे से बचाना है तो - सरकार और समाज साथ आएँ

दुनिया में कोई भी व्यक्ति, चाहे वह किसी भी जाति, मजहब या धर्म का हो अथवा कितना भी दुर्दांत और कुख्यात अपराधी क्यों न हो, कभी यह नहीं चाहेगा कि उसके बच्चे नशीले पदार्थों का सेवन करें...
स्वतंत्र विचार  संपादकीय 

भारत में कभी शाश्वत नहीं रही अस्पृश्यता

वर्तमान भारत में अस्पृश्यता को लेकर कई प्रकार के विमर्श चल रहे हैं। एक विमर्श यह है कि भारत में उच्च वर्ग के लोगों ने निम्न वर्ग के साथ भेद - भाव किया। उन्हें पानी पीने, शिक्षा प्राप्त करने एवं...
स्वतंत्र विचार  संपादकीय 

आत्मीय इंद्रधनुषी रंगों से ओत-प्रोत हर्षौल्लास का वैश्विक महापर्व होली

होली और होलिकात्सव यह एक ऐसा अद्भुत त्यौहार है जिसे देश मे अनेक धर्म संप्रदाय होने के बावजूद  इसे बहुत ही उत्साह और भाईचारे के साथ मनाया जाने वाला महापर्व माना गया है। इसे समरसता का एक बड़ा प्रतीक भी...
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